सलूंबर के ईड़ाना माताजी धाम में शारदीय नवरात्रि महोत्सव श्रद्धा और उत्साह से शुरू हुआ। शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रों के साथ घटस्थापना की गई। माता के जयकारों से मंदिर गूंज उठा, भक्तों में भक्ति का माहौल दिखा। खुले आसमान में विराजती हैं माता नवरात्रि के पहले दिन से ही धाम में भक्तों का आना-जाना शुरू हो गया है। माता का दरबार आकर्षक बिजली की रोशनी और फूलों से सजा है। रात में जगमगाता मंदिर और मेले की रौनक श्रद्धालुओं को खींच रही है। ईड़ाना माताजी धाम की खास पहचान है कि माता खुले आसमान के नीचे विराजती हैं, मंदिर पर छत नहीं है। भक्त परिवार की सुख-समृद्धि के लिए सिर झुकाकर दुआ मांगते हैं। महोत्सव के दौरान भजन कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। कलाकार भक्ति गीतों से माता की महिमा गाएंगे। 18 अक्टूबर को ईड़ाना माताजी शक्तिपीठ के इतिहास और अग्नि स्नान परंपरा पर बनी डॉक्यूमेंट्री जारी होगी। इसके साथ ही मंदिर के विकास और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले दानदाताओं का भामाशाह सम्मान भी किया जाएगा। इस आयोजन के जरिए शक्तिपीठ की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को सामने लाने के साथ सेवा कार्यों में योगदान देने वालों का सम्मान किया जाएगा। चकरी-डोलों पर उमड़ी भीड़, बच्चों से लेकर बड़ों तक में उत्साह नवरात्रि के साथ ही ईड़ाना माताजी धाम के आसपास मेला सज गया है। अरावली की पहाड़ियों के बीच लगे मेले में चकरी, डोलों और विभिन्न दुकानों पर लोगों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। बच्चे झूलों का आनंद ले रहे हैं, वहीं परिवार के साथ पहुंचे श्रद्धालु मेले में खरीदारी और घूमने का आनंद उठा रहे हैं। मंदिर में दर्शन और मेले की रौनक के बीच धाम का माहौल भक्तिमय और उत्सवी बना हुआ है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन की ओर से सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, महाप्रसाद और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उद्देश्य है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। नवरात्रि के आगाज के साथ ईड़ाना माताजी धाम में आस्था, भक्ति और मेले की रौनक एक साथ देखने को मिल रही है।