जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में रिनोवेशन और विकास कार्यों के दौरान पर्यटकों की आवाजाही बंद नहीं होगी। संग्रहालय को बंद किए बिना काम करवाया जाएगा, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। उपमुख्यमंत्री एवं कला-संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री दीया कुमारी ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। बैठक में आमेर महल में गोल्फ कार्ट के संचालन और परियों के बाग की पार्किंग व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। दीया कुमारी ने कला-संस्कृति और पुरातत्व विभाग के अंतर्गत चल रही संग्रहालय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सुविधाओं के विकास के साथ पर्यटकों के अनुभव को भी प्राथमिकता दी जाए। बैठक में कला एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग की शासन सचिव शुचि त्यागी और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक पंकज धरेन्द्र मौजूद रहे। अल्बर्ट हॉल में अलग-अलग हिस्सों में होगा काम अल्बर्ट हॉल जयपुर की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन आकर्षण भी है। यहां रिनोवेशन के दौरान संग्रहालय को पूरी तरह बंद करने के बजाय अलग-अलग हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से काम करवाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य निर्माण और मरम्मत कार्य जारी रहने के बावजूद पर्यटकों का आवागमन सुचारू बनाए रखना है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रिनोवेशन के दौरान पर्यटकों और अन्य लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यस्थलों और पर्यटकों के आवागमन वाले क्षेत्रों के बीच पूरी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि ऐतिहासिक इमारत के संरक्षण का काम भी चलता रहे और संग्रहालय आने वाले लोगों को परेशानी भी न हो। आमेर महल में गोल्फ कार्ट संचालन पर दिशा-निर्देश बैठक में आमेर महल में गोल्फ कार्ट के संचालन को लेकर भी चर्चा हुई। आमेर जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में गोल्फ कार्ट के संचालन और पर्यटकों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य पर्यटकों की सुविधा के साथ ऐतिहासिक परिसर में आवागमन की व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इसके अलावा परियों के बाग की पार्किंग व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए, ताकि पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों को वाहन खड़े करने और आवागमन में सुविधा मिल सके। प्रदेश के 9 संग्रहालयों की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में प्रदेश के विभिन्न शहरों में संचालित संग्रहालयों में चल रहे विकास और संरक्षण कार्यों की भी समीक्षा की गई। इनमें जयपुर का अल्बर्ट हॉल म्यूजियम, अलवर का राजकीय संग्रहालय, बीकानेर का गंगा राजकीय संग्रहालय, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर के राजकीय संग्रहालय, जोधपुर का सरदार राजकीय संग्रहालय और मंडोर स्थित राजकीय संग्रहालय, उदयपुर के आहड़ स्थित राजकीय संग्रहालय तथा माउंट आबू का राजकीय संग्रहालय शामिल हैं। दीया कुमारी ने संबंधित अधिकारियों से इन परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में संग्रहालयों के विकास, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और आगंतुकों के लिए सुविधाएं बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।