जयपुर में मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फ्रॉड करने वाले एक शातिर साइबर क्रिमिनल को मुरलीपुरा पुलिस ने रविवार को अरेस्ट किया। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाकर किराए के बैंक अकाउंट में ठगी की रकम मंगवाकर निकाल लेता था। विश्वास में लेने के लिए AI से डिटेल एडिट कर बैंक चेक और सर्टिफिकेट बनाकर भेजता था। CCTV फुटेज के आधार पर पंजाब से पकड़कर लाए साइबर क्रिमिनल आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- साइबर क्राइम में आरोपी दीपक कुमार (33) निवासी सुनाम संगरूर पंजाब को अरेस्ट किया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए मोबाइल टावर लगाने पर मोटे किराए का लालच का विज्ञापन डालता था। कॉन्टैक्ट करने वाले लोगों को मोबाइल टावर लगाने पर किराए के नाम पर मोटी रकम देने का आश्वासन देता था। रुपए निकालने के लिए एटीएम बूथ में नकाब पहनकर पहुंचा था आरोपी पीड़ितों की डिटेल लेकर प्रोसेस करने की कहता था। विश्वास में लेने के लिए AI के जरिए डिटेल एडिट कर पीड़ितों के नाम से बैंक चेक, नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट आदि बनाकर भेजता था। लालच में आने पर मोबाइल टावर के एवज में लाखों रुपए किराए पर लिए बैंक अकाउंट में डलवा लेता था। एटीएम बूथ में नकाब पहनकर पहुंचकर रुपए निकाल लेता था। 6 लाख रुपए की ठगी की थी मुरलीपुरा थाने के SHO वीरेंद्र कुरली ने बताया- 14 जुलाई को बाबूलाल जांगिड़ से 5.80 लाख रुपए के साइबर फ्रॉड में जांच की। ठगी की रकम निकालने वाले एटीएम बूथ की फुटेजों के आधार पर साइबर क्रिमिनल की पहचान हुई थी। पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर पंजाब में दबिश देकर आरोपी को धर-दबोचा। पुलिस जांच में आरोपी के यूज किए सिमकार्ड और बैंक अकाउंट्स के खिलाफ सुरोठ करौली, सांचौर जालोर, उज्जैन मध्यप्रदेश, गाजियाबाद उत्तर प्रदेश और सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल आदि स्थानों पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करना सामने आया है।