जयपुर में डिजिटल अरेस्ट कर 1.70 लाख रुपए लूटने का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक घंटे तक पीड़ित को वीडियो कॉल पर खुद की निगरानी में रखा। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया कि उसका बेटा विदेश में रेप केस में पकड़ा गया है। यही नहीं पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए वीडियो कॉल पर रोने की आवाज में बेटे से बात भी करवाई गई। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने रविवार को मामले में जालूपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। बेटे के केस में फंसने का डर दिखाकर ठगी SHO (जालूपुरा) बृजेश सिंह ने बताया- जालूपुरा इलाके में स्थित गवर्नमेंट ऑफिस के कर्मचारी के साथ साइबर फ्रॉड हुआ। उनका बेटा विदेश में पढ़ाई करता है। 2 अक्टूबर को वह अपने ऑफिस में काम कर रहे थे। सुबह करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर वॉट्सऐप वीडियो कॉल आया। ठगों ने वॉट्सऐप डीपी पर पुलिस अधीक्षक की फोटो लगी हुई थी। कॉल उठाने पर उस व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि आपका बेटा रेप केस में हमारी हिरासत में है। वहीं फर्जी पुलिस अधिकारी ने विदेश के कानून के तहत बेटे को लेकर किए जाने वाले टॉर्चर के बारे में बताया गया। बेटे को बचाने की गुहार लगाने पर साइबर क्रिमिनर्ल्स ने उन्हें वीडियो कॉल पर ही बने रहने और बेटे का नाम FIR में से निकालने के बदले 1.70 लाख रुपए मांगे। रुपयों की व्यवस्था नहीं होने की कहने पर डराने-धमकाने लगे। पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए ठगों ने वीडियो कॉल पर उनके बेटे के साथ मारपीट की आवाज सुनाई और रोने की आवाज में बेटे से उसकी बात भी करवाई जाती रही। 1 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा करीब एक घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर साइबर क्रिमिनर्ल्स की ओर से बताए बैंक अकाउंट्स में परिचित व रिश्तेदारों से कहकर 1.70 लाख रुपए डलवाए। साइबर ठगों ने रुपए ट्रांसफर होने के बाद बेटे को जल्द छोड़ने की कहकर कॉल काट दिया। घबराए पिता ने अपने बेटे को कॉल किया तो साइबर ठगी का पता चला। मामले में पीड़ित की ओर से जालूपुरा थाने में साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।