जयपुर में आबकारी ऑफिस के बाहर आज शराब ठेकेदारों ने विरोध प्रदर्शन करके धरना दिया। शराब की दुकानें (ठेके) रात 11 बजे तक संचालित करने की अनुमति देने समेत कई मांगों को लेकर ये विरोध प्रदर्शन किया। राज लिकर वेल्फेयर सोसायटी के बैनरतले आयोजित इस धरना प्रदर्शन में सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष निलेश मेवाड़ा ने बताया- सरकार ने बीते वित्तवर्ष (साल 2025-26) के आखिरी माह मार्च में जिन ठेकेदारों ने शराब बेचने का टारगेट पूरा करने के बाद एक्स्ट्रा शराब का उठाव करके बेचान किया। उसके अतिरिक्त बेचान या कहे उठाव का समायोजन सरकार ने मौजूदा वित्तवर्ष के टारगेट में करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक सरकार उस टारगेट का समायोजन नहीं कर रही। सप्लाई भी समय पर उपलब्ध नहीं सरकार ने इस साल शराब बेचने का टारगेट में 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की है, लेकिन आश्वासन दिया था कि शराब ठेके के संचालन समय में बढ़ोतरी पर विचार करेंगे। ठेके रात 8 बजे के बजाए 11 बजे तक ठेके खोलने की अनुमति देने के आश्वासन पर सरकार ने अब तक कोई काम नहीं किया। साथ ही शराब की सप्लाई भी डिपो से पर्याप्त नहीं मिल रही। गंगानगर शुगर मील (GSM) से आने वाली शराब की आपूर्ति में कमी आने से बिक्री पर असर आ रहा है। नियम वापस लेने की मांग मेवाड़ा ने बताया- सरकार एक तरफ ठेकेदारों पर ज्यादा शराब बेचने का टारगेट दे रही है, ताकि सरकार की ज्यादा से ज्यादा इनकम हो। लेकिन दूसरी तरफ ठेकेदारों पर तरह-तरह के नियम लगाकर अंकुश भी लगा रही है। सरकार ने हाल ही में जारी किए नए आदेश में 50 UP मदिरा (कम अल्कोहल वाली शराब) की बिक्री के संबंध में भी जो नियम बनाया है उससे ठेकेदारों में गंभीर चिंता है, जिसे वापस लेना चाहिए।