जयपुर में सेठी कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग ने कई व्यापारियों की आगामी दिवाली की तैयारियों को राख कर दिया। व्यापारियों ने दिवाली के सीजन में अच्छे कारोबार की उम्मीद में लाखों रुपए का माल जमा कर लिया था। उनकी आंखों के सामने वही माल आग की लपटों में जलता रहा। दुकान में माल जलता देख कोई व्यापारी रो पड़ा तो एक व्यापारी की पत्नी की तबीयत खराब हो गई। बड़ी चौपड़ स्थित मणिहारों का कटला-सेठी कॉम्पलेक्स में गुरुवार सुबह करीब 7 बजे आग लग गई थी। कॉम्पलेक्स की दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। धीरे-धीरे 25 दुकानें आग की चपेट में आ गईं। इनमें कपड़ों के गोदाम, प्लास्टिक का सामान, कॉस्मेटिक आइटम और चूड़ियों की दुकानें थीं। आग को करीब 7 घंटे बाद बुझा लिया गया था। हालांकि धुआं शाम तक उठता रहा। वहीं पुलिस, दमकल, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ जवान जान जोखिम में डालकर आग बुझाने की कोशिश करते रहे। सीजनल सामान जलकर राख, रोते हुए व्यापारी को परिजनों ने संभाला व्यापारी कमल अग्रवाल आग में अपनी दुकान का माल जलता देखकर रोते-बिलखते नजर आए। मणिहारों के कटला सेठी कॉम्पलेक्स में व्यापारी कमल अग्रवाल सीजनल सामान का कारोबार करते हैं। कमल की यहां तीन दुकानें खुद की हैं, जबकि दो दुकानें किराये पर ले रखी थीं। दिवाली के सीजन को देखते हुए उन्होंने पांचों दुकानों में बड़ी मात्रा में सामान स्टॉक कर रखा था। इनमें बंदरवाल, दिवाली सजावट का सामान, धागों की गट्टियां और टेलरिंग से जुड़े सीजनल आइटम शामिल थे। आग की चपेट में उनकी तीन दुकानें आ गईं और बड़ी मात्रा में माल जलकर राख हो गया। आग की सूचना मिलने के बाद कमल अग्रवाल अपनी पत्नी और बेटे प्रणव अग्रवाल के साथ मौके पर पहुंचे। अपनी दुकानों को जलता देखकर कमल भावुक हो गए। वह एक कोने में बैठकर लगातार आंसू पोंछते नजर आए। व्यापारी की पत्नी बिगड़ी तबीयत कॉम्पलेक्स के सेक्रेटरी राम कटारिया ने बताया- दिवाली सीजन को देखते हुए कमल ने बड़ी मात्रा में माल भरकर रखा था। आग में नुकसान देखकर कमल की पत्नी नुकसान देखकर रोने लगीं। परिजनों और रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला। वहीं बाद में कमल की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई और बीपी लो हो गया। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। वहीं कमल की हालत भी खराब होने पर उन्हें घर भेजा गया। कमल के बेटे प्रणव अग्रवाल ने बताया- परिवार सीजनल कारोबार करता है। दिवाली पर अच्छे व्यापार की उम्मीद में बड़ी मात्रा में सामान खरीदा था। आग लगे हिस्से के पास जाने की अनुमति नहीं मिलने के कारण वे अपने माल की स्थिति भी ठीक से नहीं देख पाए। उन्होंने बताया कि तीन दुकानें उनकी खुद की और दो किराये की थीं। दीवार और लोहे की जाली तोड़कर दूसरी मंजिल तक पहुंचे पुलिसकर्मी अग्निकांड के दौरान एक ओर व्यापारी अपना माल जलता देखकर बेबस नजर आए। वहीं पुलिसकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार जोखिम उठाते रहे। तीन मंजिला कॉम्पलेक्स के जिस हिस्से में आग लगी थी, वहां बरामदों में लोहे की जालियां लगी हुई थीं। संकरा रास्ता और जालियों के कारण दमकलकर्मियों के लिए आग वाले हिस्से तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में माणक चौक थाने में तैनात नरेंद्र सिंह शेखावत और विक्रम सिंह ने रास्ता बनाने के लिए दीवार और लोहे की जाली तोड़ी। इसके बाद सीढ़ियों के सहारे दूसरी मंजिल के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचकर दमकलकर्मियों के लिए आग वाले हिस्से तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया। धुएं से आंखों में जलन, दम घुटने लगा, फिर भी जुटे रहे दमकलकर्मी आग पर काबू पाने में सबसे बड़ी चुनौती दूसरी मंजिल पर जमा सामान और उससे उठ रहा जहरीला धुआं था। करीब सात घंटे से ज्यादा समय तक चले रेस्क्यू और फायर ऑपरेशन के दौरान दमकलकर्मियों को संकरे रास्तों और सामान से भरे बरामदों के बीच काम करना पड़ा। आग बुझाने के लिए दुकानों के शटर और अन्य अवरोधों को तोड़कर अंदर तक पहुंचना पड़ा। दूसरी मंजिल पर धुआं इतना घना था कि दमकलकर्मियों, सिविल डिफेंस के कर्मचारियों और एसडीआरएफ जवानों की आंखों में तेज जलन होने लगी। कुछ जवानों को सांस लेने में भी परेशानी हुई। इसके बावजूद रेस्क्यू टीम पीछे नहीं हटी। लगातार आग बुझाने का काम जारी रखा गया। तबीयत प्रभावित होने पर कुछ दमकलकर्मियों को थोड़ी देर के लिए आग वाले हिस्से से दूर बैठाया गया, जिसके बाद टीम फिर से ऑपरेशन में जुट गई। आग ऊपर लगी तो नीचे के दुकानदार भी माल बचाने में जुटे दूसरी मंजिल से उठती आग की लपटों और धुएं को देखकर ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल के दुकानदार भी अपने माल को बचाने की कोशिश में जुट गए। व्यापारियों ने अपने स्टाफ के साथ दुकानों और गोदामों से सामान से भरे बड़े-बड़े कार्टून बाहर निकालने शुरू कर दिए। व्यापारियों को डर था कि अगर आग नीचे तक पहुंची तो उनकी दुकानों का माल भी चपेट में आ जाएगा। ऐसे में आग बुझाने के साथ-साथ नीचे की दुकानों से सामान हटाने का काम भी चलता रहा। आग के बाद व्यापारियों में आक्रोश, कॉम्पलेक्स प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप अग्निकांड के बाद व्यापारियों में अपने नुकसान को लेकर गहरा आक्रोश दिखाई दिया। व्यापारियों ने कॉम्पलेक्स प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि आग की घटना ने न केवल लाखों-करोड़ों रुपए का माल बर्बाद किया, बल्कि दिवाली के पूरे सीजन की तैयारियों पर भी पानी फेर दिया। व्यापारियों का आरोप है कि कॉम्पलेक्स मालिक आनंद सेठी की कथित लापरवाहियों के बावजूद नगर निगम प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आग के बाद व्यापारी नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं और प्रशासन से राहत एवं जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। वीडियो क्रेडिट- दीपक सैनी यह खबर भी पढ़ें... जयपुर में 3 मंजिला बिल्डिंग में आग, 25 दुकानें जलीं:धुएं का गुबार छाया, साढ़े 7 घंटे में पाया काबू; अंदर रखे थे 5 सिलेंडर जयपुर में त्रिपोलिया बाजार के मणिहारों का कटला में 3 मंजिला सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार सुबह 7 बजे भीषण आग लग गई। दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। धीरे-धीरे 25 दुकानें आग की चपेट में आ गईं। (पूरी खबर पढ़ें)