जयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद अब महापौर पद को लेकर अलग-अलग समाजों की ओर से प्रतिनिधित्व की मांग उठने लगी है। ब्राह्मण समाज ने भी भाजपा से जयपुर महापौर के लिए ब्राह्मण पार्षद को मौका देने की मांग की है। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने कहा कि जयपुर में लंबे समय से ब्राह्मण समाज को महापौर पद पर प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। जयपुर में 30 साल से ब्राह्मण समाज को कोई मेयर नहीं बना महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एलटी शर्मा ने कहा - राजस्थान में ब्राह्मण समाज की आबादी करीब 22 से 23 प्रतिशत है। इस बार जयपुर में ब्राह्मण समाज ने भाजपा को बढ़-चढ़कर वोट दिया है। ऐसे में भाजपा और संघ से मांग है कि किसी अनुभवी ब्राह्मण पार्षद को महापौर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले 30 साल से जयपुर में ब्राह्मण समाज का कोई महापौर नहीं बना है। जयपुर के विकास के लिए अनुभवी चेहरे को मौका देने की मांग एलटी शर्मा ने कहा - जयपुर विश्व स्तर पर पर्यटन स्थल और शहर के रूप में पहचान रखता है। ऐसे में शहर की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने के लिए अनुभवी व्यक्ति को महापौर की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज के किसी योग्य पार्षद को यह मौका दिया जाए। बोर्ड और निगमों में सवर्ण समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग शर्मा ने कहा - कांग्रेस और भाजपा से प्रदेशभर में बनने वाले बोर्ड और निगमों में भी सवर्ण समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग है। उन्होंने कहा कि समाज आगे भी पार्टियों का साथ देता रहेगा। महामंत्री बोले- जयपुर में ब्राह्मण समाज को भी मौका मिलना चाहिए अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के महामंत्री अनूप पारीक ने कहा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ब्राह्मण समाज से आते हैं, लेकिन वे पूरे राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं। जयपुर छोटी काशी के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध है और यहां ब्राह्मण समाज की बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा - पिछले 30 साल में चार बार वैश्य समाज से महापौर का प्रतिनिधित्व दिया जा चुका है। इसके अलावा अन्य समाजों को भी प्रतिनिधित्व मिला है, लेकिन ब्राह्मण समाज से अब तक कोई महापौर नहीं बना। इसलिए इस बार जयपुर में ब्राह्मण समाज को भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।