जयपुर के न्यू सांगानेर रोड को 160 फीट चौड़ा करने के लिए जेडीए की ओर से शुरू की गई डिमार्केशन कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। रविवार को स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मिलकर सरकार और प्रशासन की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई महिलाएं सड़क पर बैठ गई, जिससे रास्ता बाधित हो गया। इस दौरान रास्ता बाधित होने से रोकने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को साइड में करने की कोशिश की तो माहौल और गरमा गया। लोगों ने लोगों ने स्थानीय विधायक, जेडीए प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दरअसल, जिन घरों और दुकानों में लोगों की पीढ़ियां बीत गई, जिनसे परिवारों की रोजी-रोटी चल रही है। उन पर जेडीए की कार्रवाई की आशंका को लेकर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन करने पहुंचे। जनता की बात को नजरअंदाज नही किया जा सकता हालांकि, सूचना पर विधायक गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी बात सुनी और समझाइश की। उन्होंने कहा कि जनता की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर लोगों को लगता है कि डिमार्केशन में कहीं पक्षपात हुआ है या गलत तरीके से निशान लगाए गए हैं तो सरकार इस मामले को देखेगी। विधायक ने बताया कि जेडीए अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है और जनहित को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। 2.4 किमी में करीब 260 निर्माण चिह्नित जेडीए एनफोर्समेंट पुलिस अधीक्षक इस्लाम खान के अनुसार, राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच के निर्णय के तहत सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक करीब 2.4 किलोमीटर क्षेत्र में डिमार्केशन किया जा रहा है। इस दौरान संबंधित लोगों को नोटिस भी दिए जा रहे हैं। जेडीए के मुताबिक, करीब 260 अतिक्रमण चिह्नित किए जाने हैं, जिसके लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। डिमार्केशन के दायरे में दुकानें, चबूतरे, रैंप और अन्य निर्माण आ रहे हैं। बुलडोजर चला तो घर के साथ रोजगार भी जाएगा प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सालों से इस इलाके में रह रहे हैं। कई परिवारों की कई पीढ़ियां यहीं बीती हैं। स्थानीय निवासी पूनम शर्मा ने कहा कि अगर घरों और दुकानों पर कार्रवाई होती है, तो लोगों के सामने रहने के साथ रोजगार का संकट भी खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कई परिवारों के बच्चे कॉलेज में पढ़ रहे हैं, ऐसे में उनके भविष्य पर भी असर पड़ेगा। लोगों ने डिमार्केशन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई से पहले उनकी आपत्तियां और समस्याएं सुनी जानी चाहिए। व्यापारियों ने कहा- पुनर्वास की व्यवस्था पहले हो स्थानीय व्यापार मंडल के संरक्षक ओम राजोरिया ने आरोप लगाया कि डिमार्केशन के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ धक्का-मुक्की हुई। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। व्यापारियों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर दुकानें और मकान हटाए जाते हैं तो उनके पुनर्वास की क्या व्यवस्था होगी। उनका कहना है कि त्योहार और त्योहारी सीजन कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण है, ऐसे समय में कार्रवाई की आशंका से व्यापारी परेशान हैं। विधायक बोले- जेडीए अधिकारियों से लगातार बातचीत जारी विरोध की सूचना पर स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों और व्यापारियों से बातचीत की। विधायक ने बताया कि जेडीए अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है और जनहित को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। मास्टर प्लान पर विधायक ने उठाए सवाल विधायक गोपाल शर्मा ने मास्टर प्लान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समय के साथ मास्टर प्लान में बदलाव होते रहे हैं और नियमों का पालन हर जगह एक जैसा नहीं हो पाया है। उनका कहना था कि जब जेडीए अस्तित्व में भी नहीं था, तब भी इस इलाके में लोगों के मकान मौजूद थे। ऐसे में लोगों के भविष्य से जुड़ा फैसला केवल जेडीए स्तर पर नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की संभावना की भी बात कही। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी पहुंचे विरोध के बीच पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेडीए की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। दूसरी ओर जेडीए का कहना है कि कार्रवाई कोर्ट के आदेश और निर्धारित सड़क चौड़ाई के अनुरूप की जा रही है। ऐसे में न्यू सांगानेर रोड का विवाद अब सिर्फ सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ जेडीए की डिमार्केशन और नोटिस की कार्रवाई है, तो दूसरी तरफ घर, दुकान और रोजगार बचाने के लिए स्थानीय लोगों का विरोध। ऐसे में आने वाले दिनों में ही नोटिस, आपत्तियों, पुनर्वास और कार्रवाई को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी