जयपुर के डॉक्टर के बेटे चेतन्य सिंह ने अमेरिका में अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए शहर का मान बढ़ाया है। चेतन्य ने अमेरिका में चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए होने वाली प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज प्रवेश परीक्षा (एमकैट) में पहली ही कोशिश में 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है। इस उपलब्धि की खास बात यह है कि चेतन्य ने यह परीक्षा अपने पूर्व-चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रम के पांचवें सेमेस्टर की शुरुआत से पहले ही दी थी। शुरुआती चरण में ही परीक्षा देकर पहली कोशिश में सर्वोच्च पर्सेंटाइल हासिल करना उनकी असाधारण शैक्षणिक क्षमता और तैयारी को दर्शाता है। अमेरिका में चिकित्सा प्रवेश की अहम परीक्षा अमेरिकी चिकित्सा महाविद्यालय संघ (एएएमसी) अमेरिका में चिकित्सा महाविद्यालय प्रवेश परीक्षा का संचालन करता है। अमेरिका के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जाती है। चेतन्य ने परीक्षा में पहली बार शामिल होकर ही 100 पर्सेंटाइल हासिल किया, जो उनकी उपलब्धि को और खास बनाता है। पिता रेडियोलॉजिस्ट, मां वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चेतन्य के पिता डॉ. राजीव सिंह जयपुर में वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट हैं। वे भारतीय रेडियोलॉजिकल एवं इमेजिंग संघ (आईआरआईए) के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। उनकी मां डॉ. शालिनी राठौड़ जयपुर के महिला चिकित्सालय में वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। चिकित्सकीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले चेतन्य ने अब अमेरिका में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ जयपुर के चिकित्सा जगत में भी खुशी का माहौल है। पढ़ाई के बीच हासिल की बड़ी उपलब्धि चेतन्य ने अपने पूर्व-चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रम की पढ़ाई जारी रखते हुए पांचवें सेमेस्टर की शुरुआत से पहले ही यह प्रतिष्ठित परीक्षा दी। पहली कोशिश में 100 पर्सेंटाइल हासिल करना उनके लिए ही नहीं, बल्कि जयपुर के लिए भी गौरव का विषय है।