जैसलमेर में कॉन्स्टेबल ने नहर में कूदकर सुसाइड कर लिया। कॉन्स्टेबल ने मरने से पहले वीडियो बनाकर परिजनों को भेजा। जिसमें कह रहा था कि मेरी मौत की जिम्मेदार मेरी पत्नी और ससुराल वाले हैं। मुझे कहा गया कि तू मर जा…मैं इतने समय से इसलिए जीवित हूं क्योंकि मेरे मां-बाप बुजुर्ग हैं। वीडियो देखकर परिजनों ने कॉल किया, लेकिन फोन नहीं उठा। लोकेशन पता करके परिजन मौके पर पहुंचे तो नहर के पास कॉन्स्टेबल की कार, फोन और जूते मिले। करीब आधे घंटे बाद उसकी बॉडी को नहर से निकाला गया। घटना मंगलवार सुबह 8 बजे मोहनगढ़ की है। मृतक कॉन्स्टेबल अनिरुद्ध सिंह इंदिरा कॉलोनी, बाड़मेर के रहने वाले थे। जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- अनिरुद्ध सिंह सिरोही के आबूरोड थाने में पोस्टेड थे। वे यहां मोहनगढ़ में अपनी बुआ के यहां आए हुए थे। मंगलवार को उनकी बॉडी नहर में मिली है। पुलिस मौत के कारणों की पड़ताल कर रही है। कॉन्स्टेबल ने कहा सुसाइड के अलावा कोई रास्ता नहीं मरने से पहले कॉन्स्टेबल ने वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा। जिसमें कहा- मुझे मेरी पत्नी राज लक्ष्मी और ससुर नरपत सिंह, मेरे साले कुशाल सिंह, लक्ष्मण सिंह, मेरी सास विनोद कंवर और मेरे साले लक्ष्मण सिंह के ससुर महेंद्र सिंह और उनके लड़के ने मुझे प्रताड़ित किया है। साले के ससुर महेंद्र सिंह ने नाथद्वारा में मुझे अपने होटल में बुलाकर मेरे साथ बदतमीजी की और परेशान किया। मुझे मारने की कोशिश की। मैं वहां से जैसे-तैसे हाथ-जोड़कर निकला। उन्होंने मुझसे कहा कि तू मर और हमारे रास्ते से हट, अगर तू नहीं मरेगा तो तेरे परिवार के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराएंगे। पूरे परिवार को जेल में डालेंगे। अब भी मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। अब मुझसे सहन नहीं होता है, इसलिए मैं सुसाइड कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे मरने के बाद मेरे माता-पिता को परेशान न करें। हमने बहुत सहा। अब सुसाइड के अलावा मेरे पास कोई रास्ता नहीं है। 2008 में नौकरी लगी थी, तभी से सिरोही में पोस्टेड अनिरुद्ध सिंह के फुफेरे भाई मोहनगढ़ निवासी विक्रम सिंह ने बताया- अनिरुद्ध की 2008 में नौकरी लगी थी। तभी से वो सिरोही में पोस्टेड थे। उनकी 2012 में शादी हुई थी। उनके 8 साल का लड़का है। शादी के एक साल बाद से ही घर में कलह शुरू हो गई थी। करीब पांच साल से पत्नी मायके में रह रही है। तभी से परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। विक्रम सिंह ने बताया- मंगलवार को अनिरुद्ध सिंह बाड़मेर से नेहड़ाई होते हुए अपनी कार में मोहनगढ़ स्थित नहर पहुंचा था। वहां से वीडियो बनाकर सुबह 8 बजे परिजनों को भेजा, हमने वीडियो देखकर उसे फोन किया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। छोटे भाई ने कोतवाली बाड़मेर से मोबाइल की लोकेशन निकाली जो मोहनगढ़ मिली, हम लोग सुबह 9 बजे नहर के पास पहुंचे। जहां पर उसकी कार, फोन और जूते मिले। सूचना पर पुलिस टीम गोताखोर के साथ घटनास्थल पर पहुंची। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने बॉडी को नहर से निकाला। इसके बाद बॉडी को मॉर्च्युरी में रखकर परिजन ने मोहनगढ़ थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।