जैसलमेर और पोकरण के शहरी निकाय चुनाव में जनता का फैसला कल यानी 14 सितंबर को सामने आएगा। सुबह 8 बजे से एसबीके राजकीय महाविद्यालय में मतगणना शुरू होगी। नगर परिषद जैसलमेर के 44 और पोकरण नगर पालिका के 25 वार्डों यानी कुल 69 वार्डों के नतीजों पर पूरे जिले की निगाहें टिकी हैं। जिला प्रशासन ने मतगणना को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतगणना के लिए प्रशासन अलर्ट जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि मतगणना को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। कोशिश है कि वोटों की गिनती समय पर और बिना किसी बाधा के पूरी हो और परिणाम घोषित किए जा सकें। मतगणना केंद्र पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। जैसलमेर के 44 वार्डों की 8 टेबलों पर होगी गिनती जैसलमेर नगर परिषद के वार्डों की वोटों की गिनती कॉलेज के कमरा नंबर 54 में होगी। यहां सुचारू मतगणना के लिए रिटर्निंग अधिकारी सहित कुल 8 टेबल लगाई गई हैं। मतगणना केंद्र के बाहर और अंदर की व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। उपायुक्त उपनिवेशन रामस्वरूप चौहान को मतगणना केंद्र के बाहर और नगर परिषद क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, उपखंड अधिकारी फतेहगढ़ ताराचंद वेकेट केंद्र के अंदर की व्यवस्थाएं संभालेंगे। दोनों अधिकारियों के साथ सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। कॉलेज के अंदर निजी गाड़ियों की एंट्री पर रोक सुरक्षा के लिहाज से मतगणना केंद्र के आसपास कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। कॉलेज की बैरिकेडिंग के अंदर आमजन और निजी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। केवल जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग या सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के वाहनों को अंदर जाने की अनुमति होगी। अन्य अधिकृत कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था की गई है, ताकि मतगणना केंद्र के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। कर्मचारियों और अधिकारियों को दी गई ट्रेनिंग मतगणना में किसी तरह की गलती न हो, इसके लिए पहले ही पॉलिटेक्निक कॉलेज में सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें समय पर पहुंचने और जिम्मेदारी के साथ अपना काम करने के निर्देश दिए गए। एजेंटों के सामने ही होगी मशीन और सील की जांच चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार मतगणना के दौरान मशीन को टेबल पर इस तरह रखा जाएगा कि वहां मौजूद सभी उम्मीदवारों के एजेंट उसकी स्क्रीन साफ देख सकें। मशीन के बक्से और सभी सीलों की जांच भी उम्मीदवारों के एजेंटों के सामने की जाएगी और उनकी मौजूदगी में ही इन्हें खोला जाएगा। इससे मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी तरह के संदेह की गुंजाइश नहीं रहेगी।