सरहदी जिले जैसलमेर में सितंबर के महीने में मई-जून जैसी गर्मी पड़ रही है। बुधवार को जैसलमेर का अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है, जहां इस दौर में गुलाबी ठंड दस्तक देती है, वहीं लोग गर्मी से बेहाल हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। 72 घंटे से पारा 40 डिग्री से ऊपर पिछले दो दिनों से जैसलमेर पूरे राजस्थान में सबसे ज्यादा गर्म स्थान बना हुआ है। बीते 72 घंटों से पारा लगातार 40 डिग्री से ऊपर चल रहा है। 20 सितंबर को 40.3 डिग्री, 21 सितंबर को 40.5 डिग्री और 22 सितंबर को 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था, जो अब बढ़कर 42.9 डिग्री पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले तीन साल में सितंबर माह में तापमान कभी इस स्तर पर नहीं पहुंचा। प्रदेश में सबसे गर्म शहर जैसलमेर रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण न केवल दिन का पारा आसमान छू रहा है, बल्कि रातें भी असामान्य रूप से गर्म बनी हुई हैं। आमतौर पर सितंबर के दूसरे पखवाड़े में न्यूनतम तापमान गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे आ जाता था, जिससे रातों में ठंडक शुरू हो जाती थी। इस बार रात का न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इस असामान्य गर्मी का मुख्य कारण इस साल जिले में औसत से काफी कम बारिश होना है। मानसून की विदाई और बादलों के पूरी तरह छंट जाने के कारण वातावरण में नमी का भारी अभाव है। तीखी धूप और गर्म हवाओं के सीधे जमीन पर पड़ने से तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है। किसानों की बढ़ी चिंता इस भीषण गर्मी का सबसे बुरा असर ग्रामीण अंचल और कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। अंतिम दौर की मानसून बारिश की आस लगाए बैठे किसानों की उम्मीदें अब पूरी तरह टूट चुकी हैं। पानी के अभाव और तेज धूप के कारण फसलों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।