जालोर जिले के भद्राजून थाना क्षेत्र के चवरड़ा गांव में मंगलवार को अज्ञात कारणों से 20 गाय भैंस की मौत हो गई। जबकि 15 मवेशी बीमार हैं। पशुपालकों में अज्ञात बीमारी को लेकर डर बना हुई है। जबकि एक्सपर्ट का मानना है कि पशुओं ने कच्ची ज्वार में चराई की, इससे साइनाइड बनने की आशंका है। फिलहाल विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण आएंगे। जानकारी के मुताबिक- चवरड़ा गांव में एक के बाद एक 16 भैंस और 4 गायों की मौत गई। इससे हड़कंप मच गया। अज्ञात बीमारी या जहरीला चारा चरने से मौत की आशंका जताई गई। ग्रामीणों बोले कि पशुओं की मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है। पशुओं को चरने के लिए छोड़ा था ग्रामीणों ने बताया- मंगलवार सुबह पशु पालकों ने अपने पशुओं को चरने के लिए छोड़ा था। चारा खाने के कुछ समय बाद पशुओं की तबीयत बिगड़ने लगी। एक-एक कर उनकी मौत होने लगी। पशुपालन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद आहोर, जालोर और चांदराई से पशु चिकित्सकों की टीमें मौके पर पहुंचीं और बीमार पशुओं का इलाज शुरू किया। मेडिकल टीम के रणछोड़ देवासी ने बताया- प्रारंभिक जांच में ऐसा लग रहा है कि मवेशियों की तबीयत कच्ची ज्वार का चारा खाने से बिगड़ी है। कच्ची ज्वार में साइनाइड तत्व बनने की संभावना रहती है, इससे पशुओं की मौत हो सकती है। हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पशु चिकित्सा टीम प्रभावित पशुओं का उपचार कर रही है। विधायक पशुपालकों से मिलने पहुंचे घटना की जानकारी मिलने पर आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से घटना की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक ने कहा- मामले की जांच करवाई जा रही है। अकाल की स्थिति में पशुओं के कच्ची घास या चारे खाने से यह घटना होने की आशंका जताई जा रही है। सरकार को पत्र लिखकर पशुपालकों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे। विधायक ने कंवला ग्राम पंचायत के सवरड़ा गांव में पशुपालकों से बात की।