जालोर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट ने मंगलवार शाम कृषि विज्ञान केंद्र केशवना स्थित खुला बंदी शिविर का निरीक्षण किया। खुली जेल के बंदियों के लिए रोजगार और पुनर्वास के अवसर को चिह्नित करने और सुगम बनाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर) के निर्देश पर यह विजिट किया गया। इस दौरान डिस्ट्रिक्ट जज ने बंदियों से बात की और ओपन जेल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बंदियों से रोजगार के बारे में भी बात की। इस दौरान उन्होंने उपाधीक्षक जिला कारागृह जालोर और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा- बंदियों के लिए उनके हुनर के मुताबिक बेहतर रोजगार के प्रयास करने चाहिएं। साथ ही बंदियों के रहने, पीने के लिए पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ संजय कुमार गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश वीर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ विमल व्यास, जिला कारागार के उपाधीक्षक किशनचंद मीणा, कृषि विज्ञान केंद्र केशवना के क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ एमएल तेतरवाल, सहायक आचार्य डॉ अर्जुनलाल बिजारनिया, डॉ आसुसिंह व डॉ रतनलाल भी मौजूद रहे। जेजेबी का निरीक्षण कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट ने मंगलवार को राजकीय किशोर एवं संप्रेषण, किशोर न्याय बोर्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सम्प्रेषण सुरक्षित गृह में मौजूद विधि से संघर्षरत बालकों से बात कर यहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बालकों से उनके प्रकरणों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान अधीक्षक मौर कंवर ने बताया कि रोजाना बालकों को स्थानीय कर्मचारी पढ़ाई करवाते हैं और कम्प्यूटर शिक्षा भी दी जाती है। उन्होंने बालकों की दिनचर्या के बारे में बताया। इस दौरान अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ संजय कुमार गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश वीर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ विमल व्यास भी उपस्थित रहे।