जारगा उप तहसील के सरकारी अस्पताल में एएनएम का पद खाली है। इस वजह से ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण के लिए ग्रामीणों को करीब 16 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। फिलहाल, अस्पताल एक कंपाउंडर और एक नर्स के भरोसे चल रहा है। एएनएम का पद लंबे समय से खाली है, जिससे गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण और दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं में दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में एएनएम होने से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बाकी लोगों को गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। अभी टीकाकरण के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे खासकर महिलाओं और छोटे बच्चों को परेशानी होती है। समाजसेवी अटलबिहारी गोयल ने बताया कि जारगा अस्पताल में एएनएम की नियुक्ति और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए पहले भी कई बार अधिकारियों से मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का कोई पक्का हल नहीं निकला है। ग्रामीणों ने चिकित्सा विभाग से मांग की है कि जारगा अस्पताल में खाली पड़े एएनएम पद पर जल्द नियुक्ति की जाए। साथ ही, अस्पताल में पर्याप्त मेडिकल स्टाफ भी दिया जाए, ताकि ग्रामीणों को गांव में ही अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।