जसोल धाम में लोक आस्था की देवी श्री राणीसा भटियाणीसा का जन्मोत्सव 17 और 18 सितंबर को मनाया जाएगा। श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल यह आयोजन कर रहा है। दो दिन चलने वाले इस जन्मोत्सव में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मालाणी की लोक-संस्कृति और परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा। मंदिर संस्थान के प्रवक्ता हरिशचंद्र सिंह जसोल ने बताया कि जन्मोत्सव की शुरुआत 17 सितंबर को रात 9 बजे भव्य रात्रि जागरण से होगी। भक्तिमय जागरण के बीच रात 12 बजे श्री राणीसा भटियाणीसा की विशेष मध्यरात्रि आरती की जाएगी। 18 सितंबर को यज्ञशाला में विशेष पूजा पाठ उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को सुबह 5:30 बजे मंगला आरती के साथ मुख्य धार्मिक कार्यक्रम शुरू होंगे। सुबह 6 बजे भोजन प्रसादी भोग और सुबह 6:30 बजे छप्पन भोग चढ़ाया जाएगा। इसके बाद सुबह 8:30 बजे कन्या पूजन होगा। सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक यज्ञशाला में विशेष पूजा-पाठ और हवन होगा। इसके बाद सुबह 10:35 बजे विधि-विधान से ध्वजारोहण किया जाएगा। सुबह 10:45 बजे फल प्रसाद बांटा जाएगा। सुबह 11 बजे से श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का वितरण शुरू होगा। लोक-कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखेगी हरिशचंद्र सिंह जसोल ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जन्मोत्सव में मालाणी की लोक-कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी दिखेगी। भोजन प्रसादी भोग, छप्पन भोग और ध्वजारोहण के समय ढोलियों (दमामियों) द्वारा पारंपरिक ढोल-थाली बजाई जाएगी। मालाणी सांस्कृतिक कला केंद्र, जसोल द्वारा गैर नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। पुष्कर के नगारची कलाकार नगाड़ा वादन और घुड़ नृत्य की विशेष प्रस्तुतियां देंगे। ढोल-थाली और नगाड़ों की गूंज के बीच लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से मालाणी की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं को दिखाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की उन्होंने बताया कि जन्मोत्सव पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जसोल धाम पहुंचने की संभावना को देखते हुए संस्थान द्वारा सुगम एवं सुव्यवस्थित दर्शन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल, प्रसाद एवं महाप्रसादी वितरण सहित श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। संस्थान प्रवक्ता हरिशचंद्र सिंह जसोल ने समस्त श्रद्धालु भक्तों से श्री राणीसा भटियाणीसा जन्मोत्सव के पावन अवसर पर जसोल धाम पधारकर दर्शन करने, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में सम्मिलित होने तथा श्री राणीसा भटियाणीसा का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया गया।