झालावाड़ के आयुर्वेद औषधालय में चरक फार्मा ने एक निःशुल्क शुगर जांच शिविर लगाया। इसमें 52 मरीजों की रक्त शर्करा की जांच की गई। जिन मरीजों का शुगर स्तर अधिक था, उन्हें डॉक्टरों ने जरूरी सलाह दी और मुफ्त दवाएं भी बांटीं। वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. रिंकेश कुमार यादवेन्द्र ने बताया कि बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी से मधुमेह एक गंभीर समस्या बन रहा है। उन्होंने फास्ट फूड, तैलीय भोजन, रात में देर तक जागना और मानसिक तनाव को इसके मुख्य कारण बताया। पर्याप्त नींद लेने की भी सलाह डॉ. यादवेन्द्र ने लोगों को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव कम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में मधुमेह को 'प्रमेह' कहा गया है, जिसके कारणों में गुरु और मीठा भोजन, ज्यादा खाना व शारीरिक श्रम नहीं करना शामिल है। उन्होंने अपील की कि लोग समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच कराएं, खाने में संयम बरतें और योग व व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। शिविर को सफल बनाने में कंपाउंडर चन्द्रेश नामा, जसवंत चौधरी, अनीता नागर, नीरज व्यास, प्रदीप मेरोठा और प्रेमबाई ने सहयोग किया।