कोटा एसीबी कोर्ट ने रिश्वत मांगने के 15 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने झालावाड़ जिले के सारोला कला में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन सहायक प्रबंधक सुघर सिंह को 3 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। आरोपी सुघर सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की लिमिट बढ़ाने के एवज में परिवादी से रिश्वत मांगी थी। सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया- फरियादी देशराज नागर और सह-परिवादी सुरेश कुमार नागर ने साल 2011 में एसीबी झालावाड़ में शिकायत दी थी। इसमें फरियादी देशराज ने बताया था कि मैं झालावाड़ जिले के खानपुर तहसील के मालनवासा गांव का रहने वाला हूं। गांव में हमारे परिवार की 45 बीघा जमीन है। मेरे पिता का नाम कल्याण है, जिनके नाम से केसीसी कार्ड 3 साल पहले बनाया गया था। इस कार्ड की लिमिट 65 हजार से बढ़ाकर 1.20 लाख करवाने के लिए बैंक के सहायक प्रबंधक सुधार सिंह के संपर्क किया तो उन्होंने लिमिट बढ़ाने की एवज में 5 हजार की रिश्वत मांगी थी। 14 गवाहों के हुए बयान फरियादी देशराज ने बताया था कि मेरे चचेरे भाई सुरेश से भी 5 हजार की रिश्वत की डिमांड की थी। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की। परिवादी रिश्वत देने आरोपी के किराए के मकान में पहुंचे। जैसे ही आरोपी ने परिवादी से रिश्वत ली। एसीबी ने आरोपी सुघर सिंह को पकड़ लिया। साल 2012 में एसीबी ने चालान पेश किया। कोर्ट में 14 गवाहों के बयान कराए गए।