झालावाड़ के राजकीय हरिश्चंद्र सार्वजनिक जिला पुस्तकालय के नए भवन की बाउंड्री निर्माण कार्य का बुधवार दोपहर बाद भूमिपूजन किया गया। पुस्तकालय के नए भवन के विकास की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ पुस्तकालय विकास समिति के सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे। बाउंड्री निर्माण शुरू होने के बाद नए भवन के निर्माण कार्य में भी तेजी आने की उम्मीद है। अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ भूमिपूजन भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक नरेंद्र कुमार गहलोत, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक हेमराज पारेता मौजूद रहे। इनके अलावा समग्र शिक्षा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कल्याण मल वर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक सीताराम मीणा और अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक बालचंद कारपेंटर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सहायक परियोजना समन्वयक हरिओम शर्मा और सहायक लेखाधिकारी प्रथम सालिगराम दांगी भी मौजूद रहे। पुस्तकालय विकास समिति के सदस्य भी रहे शामिल कार्यक्रम में पुस्तकालय विकास कमेटी के सदस्य राज्यपाल शर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष कैलाश चंद्र राव, कनिष्ठ सहायक अंजलि मीणा, परामर्शदाता किरण सच्चर और आजीवन सदस्य विश्वनाथ सच्चर शामिल हुए। सहायक कर्मचारी सतीश पाटीदार भी इस मौके पर मौजूद रहे। नए भवन से बढ़ेंगी सुविधाएं मौजूद अधिकारियों और पुस्तकालय विकास समिति के सदस्यों ने बाउंड्री निर्माण को पुस्तकालय के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। नए भवन से पुस्तकालय को बेहतर और व्यवस्थित रूप मिलने की उम्मीद है। इससे छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और नियमित पाठकों को अध्ययन के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध हो सकेगा। लंबे समय से ज्ञान का केंद्र रहा है पुस्तकालय राजकीय हरिश्चंद्र सार्वजनिक जिला पुस्तकालय लंबे समय से छात्रों और पाठकों के लिए ज्ञान का अहम केंद्र रहा है। नए भवन के बनने से पुस्तकालय में उपलब्ध सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। बाउंड्री निर्माण कार्य शुरू होने के साथ भवन निर्माण प्रक्रिया को भी गति मिलने की संभावना है। गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने पर जोर भूमिपूजन के दौरान अधिकारियों और पुस्तकालय विकास समिति के सदस्यों ने निर्माण कार्य को तय प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और पुस्तकालय से जुड़े अन्य लोग भी मौजूद रहे।