राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मानसिक स्वास्थ्य माह (10 सितंबर से 10 अक्टूबर) के दौरान मंगलवार को झालावाड़ स्वास्थ्य भवन के मीटिंग हॉल में ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और तनाव प्रबंधन से जुड़े पांच मॉड्यूल पर जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य टीचरों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से कार्यस्थलों और समुदाय तक मानसिक स्वास्थ्य का संदेश पहुंचाना है। पांच मॉड्यूल में मिला प्रशिक्षण जिला नोडल अधिकारी डॉ. रश्मि गुप्ता ने प्रशिक्षार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया। इसमें ‘युवा मन एवं मानसिक स्वास्थ्य’, ‘आई सपोर्ट माई फ्रेंड’, ‘कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन’, ‘आत्महत्या रोकथाम के लिए गेटकीपर प्रशिक्षण’ और ‘परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव प्रबंधन’ जैसे पांच मॉड्यूल शामिल रहे। स्कूल-कॉलेज और गांवों तक पहुंचेगा संदेश जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को छिपाने के बजाय समय पर साझा करना और सही मदद लेना जरूरी है। उन्होंने ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों और आशा फैसिलिटेटरों से स्कूल, कॉलेज और गांवों में लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। बदलती जीवनशैली में युवाओं पर विशेष ध्यान डॉ. नागर ने कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। नियमित ध्यान, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकती है। ये कर्मचारी रहे मौजूद प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभु लोधा, हेमराज लोधा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।