झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के लिए गेटकीपर प्रशिक्षण हुआ। मनोरोग विभाग ने कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन और आत्महत्या रोकने के लिए यह आयोजन किया। न्यूरोसाइकियाट्रिस्ट डॉ. रश्मि गुप्ता ने यह प्रशिक्षण दिया। इसमें 75 नर्सिंग स्टाफ और सुपरवाइजर शामिल हुए। उन्हें तनाव के कारण, इसे संभालने के तरीके और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के शुरुआती संकेतों के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण में आत्महत्या के जोखिम को पहचानने, संवेदनशीलता से बात करने और सही समय पर मदद पहुंचाने पर जोर दिया गया। 'ट्री ऑफ ग्रैटिट्यूड' गतिविधि भी हुई, जिसमें स्टाफ ने अपनी कृतज्ञता के संदेश लिखे। इसका मकसद सकारात्मक सोच और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाना था। प्रशिक्षण का संदेश था कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को पहचानना और जरूरतमंदों की मदद करना बहुत जरूरी है।