झालावाड़ में 'विकसित भारत-जन सेवा अभियान' के तहत चिकित्सा विभाग ने रक्तदान शिविर लगाए। इन शिविरों में कुल 356 यूनिट रक्त जमा किया गया। इसमें 21 यूनिट रक्त महिलाओं ने दान किया। चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों के साथ आम लोग, स्वयंसेवी संस्थाएं और ग्रामीण भी इसमें शामिल हुए। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। जिले में हुए रक्तदान शिविरों में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, एएनएम, 104 और 108 एंबुलेंस के ड्राइवर और स्टाफ, स्वयंसेवी संस्थाओं के लोग और ग्रामीणों ने रक्त दान किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर में 71 यूनिट, सीएचसी सारोलाकला में 68 यूनिट, एसआरजी अस्पताल झालावाड़ में 72 यूनिट, सीएचसी पनवाड़ में 57 यूनिट, पीएचसी भालता में 31 यूनिट, उप जिला अस्पताल डग में 27 यूनिट, पीएचसी तारज में 17 यूनिट और रुधिरा ब्लड बैंक झालावाड़ में 8 यूनिट रक्त जमा हुआ। सीएचसी पनवाड़ के शिविर में मुरली मनोहर नागर ने पहली बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्त दान करना चाहिए। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर ने भी शिविर में रक्त दान किया। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें मौका मिलता है, वे रक्त दान करते हैं ताकि किसी जरूरतमंद की जान बच सके। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने जानकारी दी कि जमा किए गए रक्त का इस्तेमाल एसआरजी अस्पताल झालावाड़, जिला अस्पताल झालरापाटन और जिले के दूसरे अस्पतालों में भर्ती गर्भवती महिलाओं के लिए होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें बिना किसी शुल्क के रक्त दिया जाएगा।