जोधपुर के बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार का रविवार को उनके पैतृक गांव लांबाभाटड़ा, चुंडावाड़ा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हादसे में करीब 90 प्रतिशत झुलसे प्रीतेश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। अंतिम विदाई में प्रदेशभर से पहुंचे करीब 25 अग्निशमन अधिकारियों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने उन्हें सैल्यूट कर श्रद्धांजलि दी। प्रदेशभर से पहुंचे अग्निशमन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अंतिम संस्कार में जोधपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया, उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी सहित प्रदेश के करीब 25 अग्निशमन अधिकारी और बड़ी संख्या में अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रीतेश को सैल्यूट प्रदान कर सम्मान दिया। कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले साथी को अग्निशमन विभाग की ओर से राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। विभाग ने परिजनों को दी 2 लाख रुपये की सहायता उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की ओर से प्रीतेश परमार के परिजनों को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस दौरान विभाग के अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। प्रशासन की गैर मौजूदगी पर ग्रामीणों में नाराजगी अंतिम संस्कार में डूंगरपुर जिला प्रशासन के किसी अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि प्रीतेश ने आमजन की सुरक्षा और अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए जान गंवाई है। ऐसे में उनकी अंतिम विदाई के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी होनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने कहा कि जोधपुर हादसे और जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उद्योग मंत्री झाबरमल खर्रा, केंद्रीय मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घायलों की स्थिति जानने पहुंचे थे। इसके बावजूद डूंगरपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने के बाद से अंतिम संस्कार तक प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने इसे इसलिए भी गंभीर बताया कि हादसे में घायल 14 अग्निशमनकर्मियों में से यह पहली मौत थी और प्रीतेश डूंगरपुर जिले के रहने वाले थे। पिता भी फायर ब्रिगेड में, बेटे ने भी चुनी अग्निशमन सेवा प्रीतेश परमार के पिता धुलेश्वर परमार नगर परिषद डूंगरपुर की फायर ब्रिगेड टीम में लीडिंग फायरमैन के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। पिता की तरह प्रीतेश ने भी अग्निशमन सेवा को अपना कर्तव्य बनाया। दूसरों की जान-माल की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। प्रीतेश के निधन से परिवार के साथ पूरे गांव में शोक का माहौल है।