जोधपुर शहर के उदयमंदिर थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त, फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्री करवाने के मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस थाना उदयमंदिर में हाल ही में संपत्तियों हड़पने और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए ठगी करने के संबंध में कई मामले दर्ज किए गए हैं। आज भी शहर में कई नए मामले सामने आए। फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से रजिस्ट्री का खेल परिवादी रामसिंह निवासी रामडावास, हाल धापी मार्बल रोड, बनाड रोड ने थाने में मामला दर्ज कराया। बताया कि आरोपी महेन्द्रकुमार लोहार निवासी विवेक विहार, तेजाराम चौधरी निवासी मसूरिया, सुनिता निवासी भगत की कोठी, राजेन्द्रकुमार मालवीय निवासी केके कॉलोनी बासनी, मुकेश गहलोत निवासी भिन्याली बैरा मंडोर, पूजा, प्रियंका रुणवाल निवासी हाउसिंग बोर्ड, और आईडीबीआई बैंक के मैनेजर सहित अन्य ने एक राय होकर साजिश रची। आरोपियों ने प्रार्थी के भूखंड के आममुख्तारनामे का गलत इस्तेमाल किया और फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवाकर प्रतिफल राशि प्राप्त कर ली। फिलहाल पुलिस इस पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है। बैंक से लोन उठाने के लिए भूमि पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करना परिवादी राजू बोराणा निवासी मिल्कमेन कॉलोनी, पाल रोड ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि पुखराज बोराणा, ममता बोराणा और रमेश पुत्र छांवर लाल निवासी सीताराम नगर ने मिलकर प्रार्थी की भूमि पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन प्राप्त कर लिया। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि आरोपियों की मंशा ठगी करने की थी और वे लगातार लोन की किश्तों की अदायगी भी नहीं कर रहे हैं, जिससे उसे आर्थिक नुकसान भी हुआ। भूखंड बेचान का इकरारनामा कर रुपए हड़पने का मामला परिवादी मेश कुमार ने जालम सिंह निवासी न्यू रूप नगर के खिलाफ प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर मामला दर्ज करवाया। एक अन्य मामले में अर्जुन सिंह चारण ने भोमराम प्रजापत निवासी मानपुरा झालामंड और प्रदीप सिंह निवासी वसई पालघर के खिलाफ रिपोर्ट दी। आरोप है कि प्रार्थी को भूखंड बेचने का इकरार कर बेचान इकरारनामा निष्पादित किया, लेकिन बाद में धोखाधड़ी करते हुए रुपए हड़प लिए। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है। पूर्व महाराजा की संपत्तियों को हड़पने का मामला भी आया था सामने जमीन के फर्जीवाड़े के मामले में जोधपुर के पूर्व महाराजा गजसिंह के नाम पर दर्ज बहुमूल्य जमीनों व संपत्तियों को हड़पने की नीयत से फर्जी इकरारनामे तैयार करने का मामला भी बीते दिनों थाने में सामने आया था। जिसमें पावर ऑफ अटॉर्नी का गलत इस्तेमाल कर सैकड़ों बीघा जमीन का फर्जी बेचनामा तैयार करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया था। मामले की अभी जांच चल रही है। शिकायत में पूर्व महाराजा गजसिंह की संपत्तियों पर फर्जी इकरारनामों के जरिए कब्जा करने और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में दिवंगत दिलीप सिंह पुत्र स्व. तेज सिंह निवासी नादड़ी, जोधपुर के साथ-साथ अभियुक्त कमल कंवर, उषा कंवर, कैलाश कंवर, प्रियंका कंवर, जेठाराम, भवानी सिंह, दमयन्ती, गणपतलाल, रविन्द्र गौड़ एवं भरत कुमार के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया था।