जोधपुर में मारपीट के मामले में पकड़ने गई पुलिस से घबराकर युवक के मकान की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। युवक सीधे बिजली के तारों में उलझ गया, जिससे करंट लग गया था। महात्मा गांधी हॉस्पिटल (MGH) में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले को लेकर गुरुवार को दूसरे दिन भी परिजनों का धरना जारी है। परिजन और समाज के लोग महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मार्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। शव उठाने से इनकार कर दिया। परिजनों की मांग है कि 1 करोड़ का मुआवजा, सरकारी नौकरी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। ये है प्रमुख मांग पूर्व सीएम ने एक्स पर किया पोस्ट इस मामले को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा। जोधपुर के उदय मंदिर आसन क्षेत्र में पुलिस की दबिश के दौरान एक युवक की दर्दनाक मृत्यु का मामला अत्यंत दुखद और गंभीर है। आखिर ऐसी क्या परिस्थिति थी कि 6-7 साल पुराने मामूली से मुकदमे में ऐसी दहशत बनाकर दबिश दी गई, जबकि मृतक कोई गंभीर अपराधी नहीं था। पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी ही नहीं थी, तो फिर सवाल उठता है कि आखिर पुलिस वहां क्यों गई, और यदि गई भी तो घर में मौजूद महिलाओं सहित परिजनों से बदसलूकी क्यों की गई? पुलिस की इस दहशतभरी कार्रवाई से यह हादसा हो गया, जिससे उसकी जान चली गई। परिजनों एवं स्थानीय लोगों द्वारा भी पुलिस की कार्यशैली और प्रताड़ना को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होना आवश्यक है, जिससे दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई एवं पीड़ित परिजनों के साथ न्याय सुनिश्चित हो सके। मैंने भी जिला प्रशासन से इस घटना के संबंध में बात की है। पीड़ित परिजन दोषियों पर कार्रवाई, मुआवजा एवं नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री को पीड़ित परिवार की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए। मैं दिवंगत की आत्मा को शांति एवं परिजनों को संबल देने की प्रार्थना करता हूं। पार्षद राजू भाटी ने लगाया था आरोप वहीं, पार्षद राजू भाटी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने ही युवक को धक्का दिया, जिसकी वजह से वह नीचे गिरा और मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक नागौरी गेट थाना पुलिस बुधवार शाम 6:30 बजे शहर के उदयमंदिर आसन क्षेत्र में सद्दाम (25) को पकड़ने गई थी। पुलिस टीम को देखते ही युवक छत से कूद गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों का कहना था कि उसके खिलाफ इतना कोई बड़ा मामला नहीं था। आरोप है कि पुलिस ने सद्दाम के भाई से 2500 रुपए की रिश्वत ली है। इसके बावजूद उसे पकड़ने के लिए पहुंची। आरोप है कि घर की महिलाओं से बदसलूकी की। सद्दाम टैक्सी ड्राइवर था। सद्दाम के परिवार में पिता और एक भाई-बहन है। भाई अनीश और पिता लोडिंग ऑटो चलाते हैं। भाई अनीश ने बताया- मारपीट का मामला था, जिसे लेकर पुलिस पकड़ने आई थी। ये भी पढ़ें… जोधपुर में पुलिस को देख तीसरी मंजिल से कूदा युवक:तारों में फंसने से करंट लगा, मौत; जीप में तोड़फोड़, पार्षद बोले- पुलिस ने धक्का मारा