किशनगढ़बास पुलिस ने पुराने सिक्के और करेंसी नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ दो कार्रवाई की। बम्बोरा घाटा और कोटकासिम चौराहे से 9 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनके कब्जे से बोलेरो गाड़ी और कई मोबाइल फोन बरामद हुए। पहली कार्रवाई में 5 आरोपी पकड़े गए, जबकि 2 आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। दूसरी कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बम्बोरा घाटा के पास दबोचा गिरोह पुलिस के अनुसार, गश्त और चेकिंग के दौरान बम्बोरा घाटा के पास संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। इस पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने नसीम (24) पुत्र अख्तर खान निवासी न्याणा, मुनफेद (22) पुत्र अख्तर खान निवासी न्याणा, साहिन (23) पुत्र पप्पू निवासी दोंगड़ा, मुनफेद (24) पुत्र अली मोहम्मद निवासी दोंगड़ा और मोहित (19) पुत्र अकरम निवासी दोंगड़ा को गिरफ्तार किया। वहीं साहुदीन पुत्र कल्लू और वारिस पुत्र भूरू निवासी दोंगड़ा अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। फर्जी आईडी बनाकर करते थे ठगी जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाते थे। इन आईडी से पुराने सिक्के और नोट लाखों रुपए में खरीदने के वीडियो और मैसेज पोस्ट किए जाते थे। संपर्क करने वाले लोगों से रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग सहित अन्य शुल्क के नाम पर क्यूआर कोड के जरिए रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी। इसके अलावा खातों में गलती से पैसे जमा होने का फर्जी मैसेज भेजकर भी लोगों को भ्रमित किया जाता था। मोबाइल में मिली फर्जी प्रोफाइल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बोलेरो गाड़ी और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मोबाइलों की जांच में फर्जी प्रोफाइल, फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट और साइबर ठगी से जुड़े अन्य साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम पोर्टल पर इन मोबाइल नंबरों और आईएमईआई नंबरों से संबंधित देश के विभिन्न राज्यों की शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। कोटकासिम चौराहे से चार आरोपी पकड़े दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने भिवाड़ी-अलवर हाईवे रोड स्थित कोटकासिम चौराहे से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी भी पुराने सिक्के और करेंसी नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैजान (20) पुत्र शहाबुद्दीन, रिजवान (24) पुत्र साहूकार निवासी दोहलियों का बास-बाझोट किशनगढ़बास, नासिफ (19) पुत्र हनीफ निवासी मांदला थाना रामगढ़ और साबिर उर्फ कीडू (22) पुत्र लल्लू निवासी ताजू का बास-मिर्जापुर किशनगढ़बास के रूप में हुई है। दर्जनों फर्जी प्रोफाइल आरोपियों के पास मिले मोबाइल फोन की जांच में व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दर्जनों फर्जी प्रोफाइल बनी मिली हैं। पुलिस अब मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही देशभर में हुई संभावित साइबर ठगी की वारदातों का भी पता लगाया जा रहा है।