मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने कहा कि कोटा में अन्य जिलों की तुलना में साइबर अपराध कम हैं। एफआईआर से चालान तक का अनुपात भी बेहतर है। राजस्थान में साइबर अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को धरातल पर लागू करने के लिए पुलिस, बैंक, जिला प्रशासन और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। मुख्य सचिव गुरुवार को कोटा पहुंचे। इस दौरान अभय कमांड सेंटर, साइबर थाना और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इससे पहले सर्किट हाउस में आईजी कोटा रेंज हरेन्द्र महावर, कलेक्टर पीयूष समारिया, शहर एसपी तेजस्वनी गौतम, ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर सहित अन्य अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। सर्किट हाउस पहुंचने पर मुख्य सचिव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अभय कमांड सेंटर में लगे कैमरों को देखा मुख्य सचिव श्रीनिवासन ने अभय कमांड सेंटर पहुंचकर इसकी कार्यप्रणाली को देखा। अधिकारियों ने उन्हें सेंटर में लगे लाइव कैमरों के जरिए शहर की निगरानी व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि कैसे कैमरों की मदद से शहर में होने वाली मारपीट और अन्य घटनाओं की समय रहते जानकारी मिलने से अपराध रोकने में पुलिस को मदद मिल रही है। निरीक्षण के दौरान अभय कमांड सेंटर के शत-प्रतिशत कैमरे चालू मिले। इसके बाद मुख्य सचिव ने साइबर थाने का निरीक्षण किया। साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों पर कार्रवाई और जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। इसके बाद मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया। साइबर अपराध को रोकने के लिए किए जा रहे कामों को बताया मुख्य सचिव ने अधिकारियों की बैठक लेकर कहा कि प्रधानमंत्री की प्रगति बैठकों और मुख्यमंत्री स्तर पर 1930 कॉल सेंटर के निरीक्षण के बाद साइबर अपराधों को लेकर अलग-अलग जिलों में व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। भरतपुर और जयपुर के बाद टोंक और कोटा के साइबर थानों का दौरा किया गया है। साइबर मामलों में जांच और कार्रवाई तेज करने के लिए स्टेट लेवल बैंकिंग कोऑर्डिनेटर, साइबर क्राइम के एडीजी और डीजीपी स्तर पर बैठकें की जाएगी। साइबर मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विधि विभाग में स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर नियुक्त किए जा रहे हैं। साथ ही बड़े फॉर्म और इंडेमनिटी बॉन्ड जैसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी सुझाव दिए गए हैं। साइबर कमांडोज के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे: मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्थान पुलिस अकादमी सहित अन्य जगहों पर साइबर कमांडोज के लिए विशेष ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। कोटा रेंज के लिए आरसी की स्थापना भी की गई है।