कोटा जिले में मानसून के जाने के बाद डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ गया है। इन मच्छर जनित बीमारियों पर नकेल कसने के लिए कोटा में स्वास्थ्य दल आपके द्वार अभियान का तीसरा चरण शुरू हो गया है, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार प्रशासन सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिन घरों या परिसरों में मच्छर का लार्वा पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार नोटिस जारी कर चालान की सख्त कार्रवाई की जाएगी। घर-घर सर्वे करेंगी टीमें सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर ने बताया कि अगस्त से नवंबर के दौरान डेंगू के मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। इसी ट्रांसमिशन चेन को तोड़ने के लिए चिकित्सा विभाग, नगर निगम और पंचायती राज विभाग एक साथ मैदान में उतरे हैं। अभियान के दौरान आशा, एएनएम, सीएचओ और डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर की टीमें घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। इस दौरान पानी से भरे बर्तनों, टंकियों और कुलर की जांच व लार्वा रोधी कार्रवाई होगी। सर्वे के दौरान बुखार पीड़ित मरीजों की तुरंत ब्लड स्लाइड तैयार की जाएगी। ऐप के जरीये होगी मॉनटरिंग डिप्टी सीएमएचओ डॉ. घनश्याम मीणा के अनुसार, एंटोमोलॉजिकल सर्वे के साथ हाउस इंडेक्स और ब्रेटू इंडेक्स की नियमित निगरानी होगी। अभियान की पल-पल की रिपोर्टिंग मरूधर ऐप के जरिए की जाएगी। मच्छरों के खात्मे के लिए शहरी क्षेत्रों में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग को सीधी जिम्मेदारी दी गई है। इसमें नालियों, गंदे पानी के स्रोतों में एमएलओ (मच्छर रोधी तेल) डालना, सड़कों के गड्ढे भरना और खाली प्लॉटों से जलभराव हटाना शामिल है। इसके अलावा लापरवाही बरतने वाले मकान मालिकों और खाली प्लॉटधारकों पर कार्रवाई होगी जिसमें चालान वसूला जाएगा। सेनेटरी इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मिलकर सफाई कर्मचारियों को लार्वा पहचानने व एंटी-लार्वा गतिविधियों की ट्रेनिंग देंगे।