कोटा में कांग्रेस पार्षदों को कांग्रेस नेता अमित धारीवाल ने कहा- नगर निगम में काम के लिए महापौर से आस लगाने के बजाय अधिकारियों को घेरो। उन्होंने कहा- महापौर को क्या लक्खण है। उनसे ज्यादा तो आप लोग, जो दो बार से ज्यादा जीते हो ज्यादा जानते हो। शहर के कांग्रेस ऑफिस में नवनिर्वाचित पार्षदों की गुरुवार को बैठक हुई। इसमें निगम में पार्षदों के काम करने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान पूर्व मंत्री शांति धारीवाल के बेटे और कांग्रेस नेता अमित धारीवाल ने कहा- अभी नई महापौर बनी है। इनसे ज्यादा उम्मीदें लगाने या शिकायत करने से कुछ हासिल होने वाला नहीं है। 100 दिन का प्रायोरिटी प्लान बनाएं पार्षद अमित धारीवाल ने पार्षदों को कहा- महापौर से आस लगाने के बजाय सीधे प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर दबाव बनाएं और जनता के काम न होने पर उनका घेराव करें। अमित धारीवाल ने पार्षदों से आक्रामक और विपक्ष की भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा- जनता ने हमें विपक्ष की जिम्मेदारी दी है, जिसे मुस्तैदी से निभाना होगा। उन्होंने सभी पार्षदों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने वार्डों की मूलभूत समस्याओं को सूचीबद्ध कर शुरुआती 100 दिनों का प्रायोरिटी प्लान तैयार करें। सफाई, बंद स्ट्रीट लाइट पर उठाएं मुद्दा धारीवाल ने पार्षदों से कहा- वार्डों में नियमित सफाई, सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत सही कराने पर जोर दिया जाए। उन्होंने कहा- नगर निगम प्रशासन को ढिलाई छोड़ने पर मजबूर करने के लिए सीधे अफसरों को जवाबदेह बनाएं। अगर अधिकारी जनता के काम लटकाते हैं तो पार्षद चुप बैठने के बजाय सीधे उनके दफ्तरों का घेराव करें। उन्होंने सभी पार्षदों को एकजुटता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि यदि सभी पार्षद संगठित होकर अपनी आवाज उठाएंगे तो प्रशासन को न केवल बात सुननी पड़ेगी, बल्कि समस्याओं का तुरंत समाधान करना होगा। दोगुनी कीमत पर टेंडर हो तो उठाओ सवाल निगम में हो रहे विकास कार्यों और टेंडर प्रक्रिया पर बात करते हुए अमित धारीवाल ने भ्रष्टाचार और 'लेती-देती' का मुद्दा उठाया। उन्होंने पार्षदों को कहा- बजट और टेंडरों की पूरी जांच-पड़ताल करें। नगर निगम में जनता के एक-एक पैसे का हिसाब होना चाहिए। अगर किसी वार्ड में 10 हजार रुपए के काम का टेंडर 20 हजार रुपए में निकाला जा रहा है तो उस पर तुरंत सवाल खड़े करें। अधिकारियों से जवाब मांगें। उन्होंने कहा- विकास कार्यों में किसी भी तरह की धांधली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।