कोटा में मादक पदार्थ तस्करी के करीब 23 महीने पुराने मामले में एनडीपीएस कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने डोडा तस्करी के दो दोषी निर्मलपुरी और जितेंद्र सिंह को 20-20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 2-2 लाख के जुर्माने से दंडित किया है। दोनों तस्कर पिकअप में 911 किलो डोडा चूरा भरकर चित्तौड़गढ़ की तरफ सप्लाई के लिए ले जा रहे थे। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की टीम ने हैंगिंग ब्रिज नया गांव टोल पर पिकअप को रोका और नशे की खेप बरामद की थी। विशेष लोक अभियोजक आशीष अग्रवाल ने बताया- 28 नंबर 2024 को सीबीएन को मुखबिर से डोडा तस्करी की सूचना मिली थी। अजमेर नंबर की पिकअप से 1 हजार किलो डोडा चूरा बारां से चित्तौड़गढ़ की तरफ ले जाया जा रहा है। टीम को देख ड्राइवर ने बढ़ाई गाड़ी की स्पीड, गाड़ियों को मारी टक्कर सीबीएन टीम ने हैंगिंग ब्रिज नयागांव टोल पर नाकाबंदी की। सुबह करीब 6 बजे पिकअप बारां की तरफ से आती हुई दिखाई दी। जिसे टीम ने टोल पर रोकने की कोशिश की। टीम को देखकर पिकअप ड्राइवर ने गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी। मौके पर मौजूद गाड़ियों के टक्कर मारते हुए भागने की कोशिश की। टीम ने पीछा कर पिकअप को रुकवाया। पूछताछ में ड्राइवर ने अपना नाम निर्मलपुरी निवासी कुचेरा तहसील मुंडवा जिला नागौर और दूसरे ने जितेंद्र सिंह निवासी गंगाशहर जिला बीकानेर होना बताया। तलाशी में पिकअप से 45 कट्टे मिले। इनमें 911.540 किलो डोडा चूरा भरा हुआ था। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। दोनों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 7 गवाहों के बयान करवाए और 242 दस्तावेज पेश किए।