कोटा में माइनिंग विजिलेंस टीम ने बजरी से भरा ओवरलोड डंपर पकड़ा। जांच के दौरान ड्राइवर के पास फर्जी रॉयल्टी के कागज भी मिले। खास बात ये रही कि बिना नंबर प्लेट के टोंक से कोटा पहुंच गया और किसी थाने की पुलिस ने नहीं पकड़ा। अवैध खनन एवं परिवहन पर विभाग ने 5 लाख 32 हजार 400 रुपए का जुर्माना लगाया है। डंपर को नांता थाना पुलिस को सौंपकर मुकदमा दर्ज करवाया। माइनिंग फोरमैन गोविंद शर्मा ने बताया- टोंक जिले के संथली बंथली से बजरी भरकर डंपर ड्राइवर कोटा में सप्लाई के लिए आया था। सुबह 8 बजे के करीब बिना नंबर का डंपर बूंदी रोड पर जीएमए टाउन शिप के सामने, होटल गोविंदगढ़ के पास से नाता की तरफ ले जा रहा था। डंपर को रूकवाकर पूछताछ की, जिसमें डंपर ड्राइवर ने अपना नाम रामप्रसाद चौधरी निवासी चाकसू जिला जयपुर होना बताया और गाड़ी मालिक का नाम मुस्ताक खान निवासी सवाई माधोपुर बताया। डंपर में 54 टन के करीब बजरी भरी हुई थी। ड्राइवर से दस्तावेज दिखाने को कहा, जिस पर उसने रवन्ना की फोटोकॉपी दिखाई, जो 9 अक्टूबर दोपहर को टोंक में यूज किया चुका था। यूज हुए रवन्ने को एडिट करके तारीख बदलकर 10 अक्टूबर की हुई थी। आईडी पर मिसमैच होने पर डंपर को जब्त कर 5 लाख 32 हजार 400 की पेनल्टी लगाई। आगे की कार्रवाई के लिए नाता थाने में मामला दर्ज करवाया। माइनिंग फोरमैन गोविंद शर्मा ने बताया- टोंक से कोटा के बीच में 6 थाने पड़ते है, जबकि तीन जिलों में माइनिंग के ऑफिस भी है। बूंदी जिले में तो माइनिंग के तीन ऑफिस है। हैरानी की बात है,किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।