कोटा नगर निगम चुनाव में पिछली बार के मुकाबले इस बार भाजपा को 5% वोट ज्यादा मिले हैं। भाजपा को 23.37% सीटों का फायदा हुआ है। 97 में से 55 सीट यानी (56.70%) जीती। जबकि कांग्रेस को पिछली बार जितने वोट मिले। उसके बाद भी कांग्रेस को 16.16% सीटों का नुकसान हुआ है। 97 में से 38 सीट (39.17%) जीती। इस बार निर्दलीयों को केवल 4 सीटें पर ही जीत मिली। लेकिन निर्दलीयों ने समीकरण बिगाड़ दिए। पिछली बार कोटा में दो नगर निगम थे। दोनों में कुल 150 वार्ड थे। कांग्रेस ने 83 सीटें (55.33%) जीती थी। भाजपा ने 50 सीटें (33.33%) जीती थी। 17 निर्दलीय (11.33%) जीते थे। भाजपा को 5% वोट का इजाफा, 5 सीटें बढ़ी पिछले चुनाव में दोनों निगमों को भाजपा को 38.55% वोट मिले। 50 सीट पर जीत मिली। इस बार 43.95% वोट मिले और 55 सीट पर जीत मिली। यानी 5.4%वोट बढ़ने पर 5 सीटों का फायदा हुआ। कांग्रेस को 0.52% वोट कम मिले, 45 सीटों का नुकसान पिछली बार के मुकाबले इस बार कांग्रेस को 0.52% वोट कम मिले। लेकिन 45 सीटों का नुकसान हुआ। पिछली बार 41.85% वोट लेकर कांग्रेस ने 83 सीटें जीती थी। इस बार 41.33% वोट लेकर 38 सीटें जीती हैं। पिछली बार वोटों में 3.3% का अंतर,कांग्रेस ने 17 सीटें ज्यादा जीती पिछली बार कांग्रेस व भाजपा को मिले वोटों में 3.3% का अंतर रहा। इसी अंतर के चलते कांग्रेस ने भाजपा से 33 सीटे ज्यादा जीती थी। इस बार दोनों को मिले वोटो में 2.62% का अंतर रहा है। इसके चलते भाजपा ने कांग्रेस से 17 सीटें ज्यादा जीती। वार्ड 45 में भाजपा की जमानत जब्त हुई। इस वार्ड में 10826 वोट पड़े थे। भाजपा प्रत्याशी को मात्र 666 वोट मिले। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी व कोटा उत्तर के डिप्टी मेयर रहे फरीदद्दिन कुरैशी ने निर्दलीय समीउल्लाह को 1937 मतों से मात दी। निगम के 100 में से 97 वार्डो में कुल 5,40,224 वोट पड़े। भाजपा को 2,37,432 वोट मिले। जबकि कांग्रेस को 2,23,287 वोट मिले। दोनों के वोटों में 14,145 अंतर रहा। भास्कर के एनालिसिस में 43.95%, वोट लेकर 97 मेंसे 55 सीटें जीती। कांग्रेस को 41.33% वोट लेकर 38 सीटें जीती। पिछले चुनाव में दोनों निगमों में मिलाकर 672,848 वोटर थे। इनमें से 4,66,520 मतदाताओं ने वोट डाला यानी 69.33% पोलिंग हुई। इनमें कांग्रेस को 1,95,282 यानी 41.85% वोट मिले। 150 मेंसे 83 सीटें जीती जबकि। भाजपा को 1,79,867 यानी 38.55% वोट मिले। 50 सीटों पर ही जीत मिली। वहीं निर्दलीयों को दोनों निगमों में 83,676 वोट यानी 17.93% मिले। 17 निर्दलीय चुनाव जीतकर पार्षद बने थे।