कोटा शहर की सरकार में पार्षद बनने के लिए कांग्रेस और बीजेपी से 41 घरेलू महिलाएं भी भाग्य आजमा रही हैं। कांग्रेस में 25 और बीजेपी में 16 हाउस वाइफ चुनावी मैदान में हैं। लंबे समय तक घर और परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाली ये महिलाएं वार्ड की समस्याओं और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच रही हैं। इनमें कई उम्मीदवारों के लिए यह चुनाव राजनीति में पहला बड़ा अवसर भी है। कोटा में मेयर पद ओबीसी महिला के लिए रिजर्व है। दोनों दलों से 20 ठेकेदार और 9 प्रॉपर्टी डीलर मैदान में सड़क,भवन निर्माण,रियल स्टेट और अन्य कामों से जुड़े ठेकेदार अब शहर की स्थानीय राजनीति में अपनी भूमिका तलाश रहे हैं। चुनाव मैदान में ठेकेदारों की संख्या सबसे ज्यादा नजर आ रही है। दोनों दलों से 20 ठेकेदार और 9 प्रॉपर्टी डीलर चुनाव मैदान में हैं। इनमें 12 बीजेपी व 8 ठेकेदार कांग्रेस से हैं। जबकि कांग्रेस के टिकट पर 5 व बीजेपी के टिकट पर 4 प्रॉपर्टी डीलर चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वार्ड की समस्याओं, विकास कार्यों और नगर निगम से जुड़े कामकाज की जानकारी को कई उम्मीदवार अपनी मजबूती के तौर पर पेश कर रहे हैं। ठेकेदार भी शहर की राजनीति में अपनी भूमिका तलाश रहे 100 वार्डों में कल होगा मतदान नगर निगम में 100 वार्ड में पार्षद चुनने के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। चुनावी मैदान में 373 प्रत्याशी हैं। इनमें कांग्रेस व भाजपा के 100-100 व 173 निर्दलीय और अन्य पार्टी से हैं। इनकी किस्मत का फैसला 8 लाख 26 हजार 923 मतदाता करेंगे। 22 वार्डो में कांग्रेस-बीजेपी में आमने सामने की टक्कर है। चुनाव के रिजल्ट 14 सितंबर को आएंगे। मेयर पद के लिए 21 सितंबर व डिप्टी मेयर पद के लिए 22 सितंबर को चुनाव होंगे। 9 प्रॉपर्टी डीलर चुनाव मैदान में