बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार किया। राठौड़ ने कहा कि जो जैसा होता है, वह दूसरे के लिए वैसा ही सोचता है। एक कहावत है कि चोर को सब चोर नजर आते हैं। यह बात कांग्रेस पर लागू होती है। क्योंकि वह हमेशा ऐसा ही करते हैं। हमें ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं है, ना हमने कहीं ऐसा किया है। उन्होंने कहा कि अगर करना चाहते होते तो डोटासरा अपने लक्ष्मणगढ़ की स्थानीय निकाय की सीट एक वोट से जीते हैं। अगर पावर का उपयोग करते तो हम उनकी नाक नीचे करवा सकते थे, एक वोट ही तो था। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। क्योंकि हम लोकतंत्र के प्रशंसक है, जनता के जनादेश का सम्मान करते हैं। राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत ने एक बार नहीं दो बार वोट चोरी की हैं। गहलोत बसपा का हाथी डकार गए मदन राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत जब अल्पमत में थे। तब इन्होंने बसपा के लोगों को खरीदा। ‘खरीदा’ शब्द इसलिए बोलता हूं कि उनको बदले में मंत्री पद दिया, लालच दिया। ये बसपा का पूरा हाथी डकार गए। इन्होंने एक बार नहीं, दो बार वोट चोरी की है। बदले में लालच दिया, यह वोट चोरी है। हमें जनता का आशीर्वाद है, हम जनादेश का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोग दोमुंही बात करते हैं। एक तरफ तो यह कहते हैं कि हमारे और भाजपा के बीच में वोटों का अंतर बहुत कम है। अगर अंतर कम है तो मतलब पावर का इस्तेमाल नहीं हुआ। अगर पावर का इस्तेमाल होता तो क्या अंतर इतना ही रहता। ये लोग लोकतंत्र और जनादेश का अपमान कर रहे हैं। जलेबी रेस में लगे हैं कांग्रेस के सारे नेता पंचायत चुनाव में गहलोत के जीत के दावे पर मदन राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत अपनी झेंप मिटा रहे हैं। वह आज कॉन्फिडेंस नहीं दिखाएं तो उनकी दुकान कल ही खाली हो जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास नेतृत्व नहीं है। इनके सारे नेता अपनी डफली अपना-अपना राग अलाप रहे हैं। राठौड़ बोले- ये सभी जलेबी रेस में लगे हुए हैं, लड़ते रहेंगे उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पहले गहलोत का बयान आया था कि सचिन पायलट फिर से वह गलती नहीं करें। ऐसा बोलने का मतलब ही उनको याद दिलाना था। वहीं डोटासरा कभी ऐसा नहीं करेंगे कि पायलट मुख्यधारा में लौट सके, ना ही जूली करेंगे। ये सभी जलेबी रेस में लगे हुए हैं, लड़ते रहेंगे।