श्री रावल मल्लीनाथ के भव्य मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के निमंत्रण और श्रद्धासुमन अर्पण के उद्देश्य से निकाली जा रही यात्रा रविवार को कालेवा गांव पहुंची। यहां क्षत्रिय समाज के सरदारों ने मंदिर निर्माण के लिए कुल ₹16 लाख 96 हजार की राशि देने की घोषणा की। यात्रा का संचालन जसोल के महंत गणेशपुरी महाराज के सान्निध्य में संस्थान के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह जसोल के नेतृत्व में किया जा रहा है। कालेवा पहुंचने पर समाज के सरदारों ने यात्रा का स्वागत किया और आगामी महोत्सव में भागीदारी का संकल्प व्यक्त किया। गोपड़ी से शुरू हुई श्रद्धासुमन यात्रा संस्थान के सचिव सुमेर सिंह वरिया ने बताया कि यह यात्रा शारदीय नवरात्र की बीज पर श्री रावल मल्लीनाथ जी की जन्मस्थली गोपड़ी से शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य मालाणी क्षेत्र की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना तथा मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में जनभागीदारी बढ़ाना है। रविवार को पूज्य महंत श्री श्री 1008 श्री गणेशपुरी जी महाराज के सान्निध्य में यात्रा कालेवा पहुंची। यहां क्षत्रिय समाज के सरदारों से मुलाकात कर मंदिर निर्माण और आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी दी गई। साथ ही सर्व समाज से सपरिवार महोत्सव में शामिल होने का आह्वान किया गया। छह परिवारों ने की ₹16.96 लाख की घोषणा कालेवा गांव में श्री रावल मल्लीनाथ जी के मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धासुमन के रूप में राशि अर्पित करने की घोषणा की गई। इसमें विभिन्न परिवारों का योगदान इस प्रकार है— इस प्रकार कालेवा गांव के क्षत्रिय समाज की ओर से कुल ₹16,96,000 की राशि अर्पित करने की घोषणा की गई। मालाणी की आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक होगा मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह जसोल ने सहयोग की घोषणा करने वाले सभी परिवारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ एवं श्री राणी रूपादे मालाणी की धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि श्री रावल मल्लीनाथ के भव्य मंदिर का निर्माण मालाणी की गौरवशाली धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। मंदिर के माध्यम से उनके शौर्य, पराक्रम, धर्मनिष्ठा और लोककल्याणकारी आदर्शों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। कुँवर जसोल ने श्री राणी रूपादे की भक्ति, समानता, सामाजिक समरसता और मानव सेवा की प्रेरणादायी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आदर्श समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने कालेवा के क्षत्रिय समाज के सरदारों द्वारा श्रद्धा और उदारता के साथ सहयोग की घोषणा करने की सराहना की तथा सर्व समाज से आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में अधिकाधिक भागीदारी की अपील की। 2 सितंबर 2027 को होगा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव मालाजाल-तिलवाड़ा परिसर में बन रहे श्री रावल मल्लीनाथ जी के भव्य मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 2 सितंबर 2027 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया यानी भादवा बीज के अवसर पर आयोजित होगा। इसके लिए यात्रा के माध्यम से मालाणी क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है। यात्रा का उद्देश्य श्री रावल मल्लीनाथ द्वारा स्थापित मालाणी क्षेत्र के उन गांवों तक पहुंचना है, जहां उनके वंशज और परिवारजन निवास करते हैं। इन गांवों में लोगों को मंदिर निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुरूप श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। छत्तीस कौम को महोत्सव में शामिल होने का न्योता यात्रा के दौरान आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की योजना पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही मालाणी क्षेत्र की छत्तीस कौम को इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य मंदिर निर्माण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए क्षेत्र की धार्मिक विरासत, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करना है।