मणिपुर में 24 घंटे के भीतर हिंसा की 2 घटनाओं में 4 लोगों की मौत हो गई। सोमवार सुबह इम्फाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास लकड़ी लेने गए लोगों पर संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला कर दिया। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हुए और 3 लोग लापता बताए गए हैं। घटना से नाराज लोगों ने इम्फाल में मुख्यमंत्री के आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे पहले रविवार रात थौबल जिले में दो समुदायों के बीच झड़प में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। मुख्यमंत्री आवास के बाहर हंगामे के 3 फोटो लकड़ी लेने पहाड़ियों पर गए थे घटना कांगपोकपी के खोंगबाल सुनुरोक उयोक में हुई। यह इम्फाल ईस्ट के नोंगशुम गांव से कुछ मीटर की दूरी पर है। सोमवार सुबह करीब 7 बजे 16 लोग लकड़ी लेने पहाड़ियों पर गए थे। मृतकों की पहचान अरुबाम रोनिल (35), लैरेनलकपम इनाओबी (51), क्षेत्रिमायुम सुशील(32) के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, वे लकड़ी लेने गए समूह में शामिल थे। इसी दौरान उग्रवादियों ने उन पर घात लगाकर हमला किया। थौबल जिले में रविवार रात दो समुदायों के बीच झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। पुलिस के मुताबिक, लाइशराम राकेश की गोली लगने से मौत हुई। पत्थरबाजी के दौरान कुछ घरों और वाहनों में आग लगा दी गई। फरवरी से अक्टूबर तक हिंसा की घटनाएं मणिपुर में 3 साल पहले शुरू थी हिंसा, 70 हजार लोग विस्थापित मणिपुर में 3 मई 2023 को मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। इसके बाद राज्य में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ और हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। ह्यूमन राइट्स वॉच के सितंबर 2026 के आकलन के मुताबिक, इस हिंसा में 260 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और 60 हजार से अधिक लोग विस्थापित हुए। --------------------- ये खबर भी पढ़ें: मणिपुर में कुकी-नगा समुदायों के बीच गोलीबारी, 1 की मौत:4 घायल, हिंसा में 15 घर जले; म्यांमार के उग्रवादियों पर हमले का आरोप मणिपुर के कामजोंग जिले के चसाद गांव में शनिवार को कुकी और नगा समुदायों के हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी हुई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर…