सूरतगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी को प्रतिष्ठित ‘सीताराम रूंगटा राजस्थानी भाषा-साहित्य सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन, कोलकाता की पुरस्कार चयन उपसमिति ने वर्ष 2026 के लिए उनके नाम का चयन किया है। कोलकाता स्थित केंद्रीय कार्यालय सभागार में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। सम्मान के तहत माला-श्रीफल, शॉल, मानपत्र और 21 हजार रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। चार दशक से राजस्थानी भाषा के लिए समर्पित मनोज कुमार स्वामी चार दशकों से अधिक समय से राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संवर्धन में सक्रिय हैं। वे एक पाक्षिक समाचार पत्र के संपादक एवं प्रकाशक भी हैं। राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के अभियानों तथा राजभाषा आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विश्व प्रसिद्ध ‘राजस्थानी रामलीला’ के आयोजन और मतदाता जागरूकता अभियान में भी उन्होंने सक्रिय योगदान दिया है। साहित्य में भी उल्लेखनीय योगदान स्वामी राजस्थानी साहित्य की दर्जनभर पुस्तकों के रचयिता हैं। उनके साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान को देखते हुए सम्मेलन ने राष्ट्र स्तरीय सम्मान के लिए उनका चयन किया है। पुरस्कार चयन उपसमिति की बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री प्रहलाद राय अगरवाला ने की। संयोजक गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया ने जूम के माध्यम से बैठक का संचालन किया। स्थानीय साहित्यकारों में खुशी इसी बैठक में ‘केदारनाथ भागीरथी देवी कानोड़िया राजस्थानी भाषा बाल-साहित्य सम्मान’ के लिए केकड़ी निवासी विमला नागला का भी चयन किया गया। स्वामी के सम्मान के लिए चयनित होने पर सूरतगढ के शिक्षाविद डॉ. सुशील जेटली, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष परसराम भाटिया, पूर्व पार्षद मुरलीधर उपाध्याय, शिक्षाविद डॉ. अनिल धानुका, पार्षद प्रमोद ज्याणी, डॉ. कृष्ण कुमार आशु सहित स्थानीय साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों ने प्रसन्नता व्यक्त की।