मानसून की विदाई से पहले गुरुवार को हुई बारिश ने नागौर कृषि उपज मंडी में किसानों की परेशानी बढ़ा दी। अचानक हुई झमाझम बारिश से मंडी परिसर में खुले में रखी किसानों की उपज भीग गई। किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन पर्याप्त टीन शेड और सुरक्षित जगह नहीं होने के कारण उन्हें अनाज खुले में रखना पड़ा। करीब एक घंटे तक हुई बारिश में अनाज भीगने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। किसानों का कहना है कि मंडी में फसल की नीलामी के लिए बनाए गए प्लेटफॉर्म पर व्यापारियों का सामान और पक्का माल रखा हुआ था। ऐसे में किसानों को अपनी उपज खुले में रखने के लिए मजबूर होना पड़ा। बारिश शुरू होने के बाद किसान अनाज को बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन अचानक तेज हुई बारिश में पूरी उपज को सुरक्षित स्थान पर ले जाना संभव नहीं हो सका। शेड की कमी से खुले में रखने को मजबूर किसान किसानों के अनुसार मंडी में पर्याप्त टीन शेड नहीं होने से हर बार बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। किसान हजारों रुपए खर्च कर अपनी उपज मंडी तक लेकर आते हैं, लेकिन उसे बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। गुरुवार को भी अचानक बारिश होने से खुले में रखे अनाज में पानी भर गया। इससे अनाज की गुणवत्ता खराब होने और बिक्री के दौरान कम कीमत मिलने की आशंका है। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन में पहले ही बारिश की कमी के कारण फसल उत्पादन प्रभावित हुआ है। अब फसल पकने के बाद बेमौसम बारिश होने से रही-सही कसर भी पूरी हो गई। खेतों में खड़ी फसलों के साथ काटकर रखी गई उपज को भी नुकसान पहुंचा है। दोपहर 3 बजे शुरू हुई बारिश, एक घंटे तक बरसे बादल नागौर शहर में दोपहर करीब 1 बजे से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। करीब 3 बजे अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई, जो करीब एक घंटे तक जारी रही। बारिश से शहर के तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। नागौर के अलावा खींवसर, मुंडवा, कुचेरा सहित आसपास के इलाकों में भी बारिश हुई। शहर के निचले इलाकों में पानी जमा तेज बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। शिवबाड़ी क्षेत्र में सड़क पर पानी भरने से दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी हुई। कई निचले इलाकों में घरों के आसपास भी पानी जमा हो गया। अचानक हुई बारिश के चलते शहर में कुछ समय के लिए जनजीवन प्रभावित हुआ। किसानों ने मंडी में स्थायी व्यवस्था की मांग की बारिश से नुकसान के बाद किसानों ने मंडी प्रशासन से पर्याप्त टीन शेड उपलब्ध कराने और नीलामी प्लेटफॉर्म को किसानों की उपज के लिए उपलब्ध रखने की मांग की है। किसानों का कहना है कि मंडी में आने वाली उपज को बारिश से बचाने की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि मौसम खराब होने पर उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद न हो।