नागौर में नगर परिषद सभापति पद के चुनाव को लेकर नामांकन पत्रों की जांच बुधवार को पूरी हो गई। मंगलवार को 3 प्रत्याशियों की ओर से कुल 5 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। रिटर्निंग अधिकारी गोविंद सिंह भींचर ने बुधवार को सभी नामांकन पत्रों की जांच की। इनमें से 3 नामांकन पत्र वैध पाए गए, जबकि 2 नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए। जांच के बाद भाजपा के संतोष टाक, कांग्रेस के दीपक सैनी और निर्दलीय रमा सांखला का एक-एक नामांकन वैध पाया गया है। संतोष टाक की ओर से एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल किया गया नामांकन और रमा सांखला की ओर से भाजपा प्रत्याशी के रूप में दाखिल नामांकन जांच के बाद निरस्त कर दिया गया। अब सभापति पद के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में हैं। 18 सितंबर तक नाम वापस लेने का मौका नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों के पास नाम वापस लेने का मौका है। नाम वापसी की अंतिम तारीख 18 सितंबर है। इसी दिन नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभापति पद के चुनाव में मैदान में रहने वाले प्रत्याशियों की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। 18 सितंबर को ही मिलेगा चुनाव चिह्न नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 सितंबर को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही सभापति पद के चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। भाजपा-कांग्रेस के पार्षदों की बाड़ेबंदी जारी सभापति पद के चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने जीते हुए पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है। दोनों दल अपने-अपने प्रत्याशी के पक्ष में पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, नाराज पार्षदों को मनाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। संतोष टाक, दीपक सैनी और रमा सांखला मैदान में भाजपा ने वार्ड 32 से विजयी संतोष टाक को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने वार्ड 39 से विजयी दीपक सैनी पर दांव लगाया है। वहीं भाजपा के टिकट पर वार्ड 17 से चुनाव जीतने वाली रमा सांखला ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। अब 18 सितंबर को नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन के बाद सभापति पद के चुनाव की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।