मानसून की विदाई का दौर नजदीक आ गया है, लेकिन इससे पहले नागौर में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 17 और 18 सितंबर को जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इससे पहले पिछले दो दिनों में खींवसर और रियाबड़ी क्षेत्र में बारिश हुई। खींवसर में 5 MM और रियाबड़ी में 44 MM बारिश दर्ज की गई। अचानक हुई बारिश से खेतों में खड़ी और कटाई के बाद खेतों में रखी फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों पर दोहरी मार इस बार किसानों को मौसम की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बारिश की कमी के कारण पहले ही फसलों की पैदावार प्रभावित हुई। अब कई खेतों में फसलें पककर तैयार हैं। ऐसे में बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसल के साथ कटाई कर खुले में रखी फसल भी बारिश से खराब होने की स्थिति में है। किसानों का कहना है कि फसल उत्पादन कम होने से पहले ही लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। अब बारिश से बची हुई फसल को भी नुकसान पहुंचने का डर बना हुआ है। 19 सितंबर के बाद मानसून की विदाई मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर के आसपास राज्य में बारिश की गतिविधियों में तेजी से कमी आने की संभावना है। इसके बाद मानसून की विदाई का दौर शुरू हो जाएगा। हालांकि इस दौरान कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने और छिटपुट बारिश होने के आसार बने रह सकते हैं। मूंग की पैदावार 2.5 क्विंटल से घटकर 50 किलो तक पहुंची अहमदपुरा निवासी किसान दिनेश जाट ने बताया कि सामान्य तौर पर एक बीघा में मूंग की पैदावार करीब 2 से 2.5 क्विंटल तक होती है। इस बार उत्पादन घटकर महज करीब 50 किलो रह गया है। इसी तरह बाजरे की पैदावार भी सामान्य तौर पर करीब 2 क्विंटल तक होती है, लेकिन इस बार इसमें करीब 70 प्रतिशत तक गिरावट आई है। किसान के अनुसार उत्पादन कम होने से खेती में लगाया गया खर्च तक निकालना मुश्किल हो रहा है। अब बारिश से बची फसल को नुकसान होने का खतरा किसानों की चिंता और बढ़ा रहा है।