नागौर सदर थाना क्षेत्र में युवक की आत्महत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मृतक के पिता ने जिला कलेक्टर को परिवाद सौंपा है। परिवाद में जांच अधिकारी पर मामले में सही तरीके से जांच नहीं करने और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच किसी निष्पक्ष एवं उच्चाधिकारी से करवाने की मांग की है। परिवाद के अनुसार चूंटीसरा तहसील निवासी हरिराम के बेटे अमरराम की शादी भगवती के साथ हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के करीब 4-5 साल तक सब ठीक रहा, लेकिन इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद रहने लगा। मृतक के ससुर खगाराम मेघवाल पर भी बेटे को परेशान करने और पैसों की मांग करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ससुर को 1.60 लाख रुपए भी दिए गए थे। आत्महत्या से पहले वीडियो भेजने का दावा शिकायत में बताया गया है कि 24 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे बेटे ने अपनी पत्नी को वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी। इसमें उसने पत्नी भगवती और ससुर खगाराम की वजह से आत्महत्या करने की बात कही थी। इसके बाद उसने घर के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पिता ने शिकायत में बेटे की मौत के पीछे उसकी पत्नी और ससुर की भूमिका होने का आरोप लगाया है। मामले में सदर थाना नागौर में सीआर नंबर 147/2026 दर्ज होने का उल्लेख किया गया है। जांच पर उठाए सवाल परिवादी का आरोप है कि जांच अधिकारी ने मामले में सही तरीके से अनुसंधान नहीं किया। शिकायत के अनुसार मृतक की पत्नी भगवती और ससुर खगाराम के मोबाइल की रिकॉर्डिंग समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र नहीं किए गए। साथ ही पड़ोसियों से पूछताछ और स्वतंत्र गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया गया है। परिवाद में आशंका जताई गई है कि मामले में पुलिस पर प्रभाव और दबाव के चलते अंतिम रिपोर्ट लगाने की तैयारी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मामले की जांच किसी निष्पक्ष एवं उच्चाधिकारी से करवाने की मांग की है। 7 दिन का दिया समय शिकायतकर्ता ने बताया कि इस संबंध में SP के समक्ष भी परिवाद पेश किया जा चुका है, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई। अब कलेक्टर को दिए परिवाद में कहा गया है कि यदि आगामी 7 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई, तो वह प्रशासनिक कार्यालय के बाहर सामाजिक स्तर पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगा।