किसान नेता नरेश मीणा आंदोलन के एक मामले में जेल से बाहर आने के बाद बारां पहुंचे। उनका स्वागत हुआ। वे नवनियुक्त सभापति शीतल राठौर के घर गए, जहां पूर्व सभापति कमल राठौर ने भी उनका स्वागत किया। पत्रकारों से बातचीत में मीणा ने कहा कि चुनावों में लोगों की आवाज दबाई जा रही है। 302 जैसी गंभीर धाराओं में तीन महीने में जमानत मिलती है, जबकि उन्हें मामूली धाराओं में आठ महीने जेल में रहना पड़ा। स्कूल हादसे के बाद किए शांतिपूर्ण आंदोलन में हाईकोर्ट से न्याय मिला। नगर परिषद चुनाव पर मीणा ने कहा कि 60 में से 31 प्रत्याशियों की जीत बारां की जनता की है। जनता बदलाव और भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहती थी। उन्होंने दावा किया कि अब परिषद में काम के लिए किसी को पैसे नहीं देने पड़ेंगे। मीणा ने 8 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्होंने खाद संकट को लेकर 2 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट पर भूख हड़ताल करने का भी ऐलान किया।