नाथद्वारा के कुम्हारवाड़ा स्थित गणपति पंडाल में श्री बजरंग मित्रमंडल ने अनूठी पहल करते हुए अपने हाथों से इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा तैयार की है। मंडल के सदस्यों ने बाजार से प्रतिमा खरीदने के बजाय करीब एक महीने तक मेहनत कर मिट्टी से गणपति का स्वरूप तैयार किया। प्रतिमा निर्माण की कला मूर्तिकार मुकेश प्रजापत ने सदस्यों को सिखाई। उन्होंने प्रतिमा तैयार करने के साथ मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की बारीकियां भी बताईं। प्रतिमा के आधारभूत ढांचे में तालाब की चिकनी मिट्टी और बांस का उपयोग किया गया। इसके बाद मुकेश प्रजापत ने प्रतिमा को अंतिम फिनिशिंग दी। सजावट में इको फ्रेंडली रंगों का उपयोग किया गया है। मंडल के अनुसार प्रतिमा निर्माण में गंगा और यमुना के जल का भी प्रयोग किया गया। फिनिशिंग के लिए विशेष वैक्स मुंबई से मंगवाया गया। सदस्यों का कहना है कि प्रतिमा में उनकी सामूहिक आस्था, श्रम और भक्ति समाहित है। श्री बजरंग मित्रमंडल पिछले 26 वर्षों से गणपति स्थापना की परंपरा निभा रहा है। इस बार प्रतिमा निर्माण के जरिए मंडल ने भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया है।