नगर निगम बोर्ड पर लगातार 7वीं भाजपा ने परचम लहराते हुए मेयर पद पर कब्जा जमा लिया है। भाजपा प्रत्याशी पारस सिंघवी सोमवार को 80 में से 55 वोट हासिल कर उदयपुर के नए मेयर निर्वाचित हुए हैं। बहुमत का आंकड़ा 41 था। सिंघवी ने निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष पद की शपथ ली। उनके निर्वाचन की घोषणा के साथ टाउनहॉल परिसर में आतिशबाजी की गई। फिर सिंघवी पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं व शहरवासियों से गले मिले और अभिवादन स्वीकार कर आभार जताया। उनकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी पूनम कुंवर राठौड़ को 25 वोट मिले। क्रॉस वोटिंग के डर के बीच बाड़ेबंदी में बंद भाजपा-कांग्रेस सहित सभी 80 पार्षदों ने शत-प्रतिशत वोटिंग की। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के पक्ष में पार्टी के सभी 53 पार्षदों के अलावा 2 निर्दलीय पार्षदों ने मतदान किया। दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी को अपनी पार्टी के 23, माकपा के 1 और 1 निर्दलीय पार्षद का समर्थन मिला। क्रॉस वोटिंग नहीं होने से भाजपा-कांग्रेस दोनों ही दलों की प्रतिष्ठा बच गई। चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा होते ही नवनिर्वाचित मेयर सिंघवी भावुक हो गए और रोते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ के गले लग गए। वे मेयर प्रत्याशी घोषित होने पर भी इसी तरह भावुक हुए थे। अब मंगलवार को डिप्टी मेयर के लिए नामांकन, वोटिंग और परिणाम की प्रक्रिया होगी। डिप्टी मेयर पद पर भाजपा के दिनेश भट्‌ट, पंकज बोराणा, डॉ. कविता जोशी के नाम की चर्चा है। डिप्टी मेयर के लिए मंगलवार को सुबह सुबह 10 बजे बैठक होगी, इसके बाद सुबह 11 बजे तक नामांकन, नाम वापसी दोपहर 2 बजे और मतदान दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक और इसके बाद मतगणना और नतीजा घोषित होगा। पार्षदों का बाड़ेबंदी से निगम तक सफर मेयर चुनाव के लिए दोनों ही दलों ने क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए अपने-अपने पार्षदों की कड़ी बाड़ेबंदी की थी और उन्हें सीधे नगर निगम ऑफिस लेकर पहुंचे। मतदान से एक दिन पहले रविवार को भाजपा ने पार्षदों को नाथद्वारा हाईवे स्थित रिसॉर्ट से केसरियाजी और जावर माता के दर्शन कराए थे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने व्यक्तिगत संवाद कर पार्षदों को एकजुट रखा और बैलेट पेपर से वोटिंग की ट्रेनिंग दी। मतदान के दिन भाजपा पार्षद यशवंत आंचलिया ने सबसे पहला वोट डाला। वोटिंग के दौरान सांसद मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा व जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। चुनाव से ठीक पहले माकपा पार्षद ने कांग्रेस प्रत्याशी पूनम कुंवर को समर्थन दिया था, वहीं निर्दलीय पार्षद कमलेश बोराणा भाजपा बाड़ेबंदी में शामिल हुए थे। कांग्रेस का क्रॉस वोटिंग दावा फेल संख्या बल की कमी के बावजूद कांग्रेस ने भाजपा में क्रॉस वोटिंग होने और अपना मेयर प्रत्याशी जीतने का दावा किया था। जीत के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि यह भाजपा संगठन के कार्यकर्ताओं की जीत है। हमने अच्छे और जिताऊ चेहरे उतारकर बोर्ड तय कर लिया था। क्रॉस वोटिंग का कोई खतरा नहीं था। कांग्रेस केवल डर फैला रही थी। भाजपा संभाग प्रभारी नाहर सिंह जोधा ने कहा कि कार्यकर्ताओं के उत्साह से सिंघवी की जीत तय थी। डिप्टी मेयर के प्रत्याशी की जीत भी इसी तरह तय कर लेंगे। पिछली बार नेता प्रतिपक्ष नहीं बना पाई कांग्रेस के लिए इस बार भी रहेगी चुनौती 23 सीटों वाली कांग्रेस ने मेयर चुनाव में 25 पार्षदों के वोट हासिल किए हैं। अब कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष के लिए सियासी जोड़तोड़ शुरू होंगे। शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह सिंह की पत्नी वार्ड 17 से पार्षद डॉ. पूनम कुंवर राठौड़ के मेयर प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब अन्य पार्षदों को मौका मिल सकता है। नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत डॉ. गिरिजा व्यास के भाई गोपजी की पुत्रवधू हितांशी शर्मा, पूर्व मेयर प्रत्याशी व शहर संगठन मंत्री अरुण टांक सबसे आगे बताए जा रहे हैं। दबी जुबान नेता प्रतिपक्ष के लिए भी पूनम कुंवर का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, आपसी विवादों से घिरी कांग्रेस पिछले पांच साल के कार्यकाल में अपना नेता प्रतिपक्ष तक नहीं बना सकी थी। नेता प्रतिपक्ष के दावेदार रहे लोकेश गौड़ भाजपा में शामिल हो गए और अब उनकी पत्नी अमिता गौड़ इस बार भाजपा से पार्षद चुनी गई हैं। दोनों दलों में कसमों ने रोकी क्रॉस वोटिंग भाजपा-कांग्रेस दोनों ही दलों में क्रॉस वोटिंग का डर था। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह व मेयर प्रत्याशी पारस सिंघवी के नेतृत्व में पार्षदों को श्रीनाथजी, सांवलियाजी व केसरियाजी के दर्शन कराए गए थे। इस देव दर्शन के दौरान भी पार्टी के साथ वफादारी का पाठ पढ़ाया गया। संगठन सर्वोपरि के परचम की कसमें तक खिलाई गईं, जिसका असर मतदान के दौरान दिखाई दिया। ऐसे ही कांग्रेस की बाड़ेबंदी में दो महिला पार्षद पहले दिन नहीं पहुंची तो मामले ने तूल पकड़ा तो उन्होंने कसम खाकर कहा- हमारे रक्त में कांग्रेस है। किसी भी स्थिति में भाजपा को वोट नहीं देंगे। दोनों ही दलों में रस्मों-कसमों का दौर पिछले 4 दिन से चल रहा था। जो सियासत में भी कारगर साबित हुआ। आज डिप्टी मेयर पद पर किसकी होगी ताजपोशी अब डिप्टी मेयर पद को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की ओर से डिप्टी मेयर पद के लिए दिनेश भट्ट या पंकज बोराणा में से किसी एक नाम को लगभग तय माना जा रहा है, जिस पर सोमवार शाम पार्टी की उच्च स्तरीय बैठक में मुहर लगेगी। भट्‌ट व बोराणा के नाम पर विवाद हुआ तो डॉ. कविता जोशी के नाम पर मुहर लगाई जा सकती है। वहीं, कांग्रेस पार्टी की ओर से लक्ष्मीनारायण मेघवाल के नाम की चर्चा जोरों पर है। डिप्टी मेयर पद की चयन प्रक्रिया के तहत मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद नगर निगम हॉल में वोटिंग होगी और इसके बाद मतगणना के साथ परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। परिणाम के तुरंत बाद नवनिर्वाचित मेयर पारस सिंघवी और नए डिप्टी मेयर मिलकर नगर निगम के 7वें बोर्ड के भावी प्रशासनिक एवं विकास कार्यों की कमान संभालेंगे। सुरक्षा के बीच वोटिंग, 12:50 बजे सिंघवी ने ली शपथ सुबह 10 बजे : मेयर चुनाव को लेकर सुखाड़िया रंगमंच परिसर में भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। रंगमंच जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर अलग राह बनाई गई, ताकि बाड़ाबंदी से आने वाले पार्षदों को परेशानी न हो। सबसे पहले भाजपा पार्षद यशवंत आंचलिया पहुंचे। जांच के बाद उन्हें परिसर में प्रवेश दिया गया। सुबह 11 बजे : शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, सांसद मन्नालाल रावत और ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा भाजपा पार्षदों की बस के साथ निगम परिसर पहुंचे। सभी पार्षदों की एक-एक कर जांच हुई और उन्हें ऑडिटोरियम में प्रवेश दिया गया। सुबह 11:45 बजे : भाजपा के सभी पार्षदों ने मतदान किया और वापस बस में पहुंच गए। इसके बाद कांग्रेस पार्षद मतदान के लिए पहुंचे। दोपहर 12:45 बजे : कांग्रेस पार्षदों ने मतदान किया और इसके बाद ट्रैवलर में बैठकर रवाना हो गए। दोपहर 12:50 बजे : परिणाम मे सिंघवी को मेयर घोषित किया गया। फिर उन्हें पद की शपथ दिलाई गई।