श्रीगंगानगर के पदमपुर में माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कर्मचारी पर 54 ग्राहकों से लोन की करीब 19.74 लाख रुपए की रकम वसूलकर हड़पने का आरोप लगा है। आरोप है कि कर्मचारी ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर ग्राहकों को लोन के बारे में गलत जानकारी दी और लोन की रकम मिलने के बाद उनसे पैसे कलेक्ट कर लिए। कंपनी की ऑडिट और सतर्कता समीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के बाद एरिया हेड ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार ग्राहकों से वसूले गए रुपए आरोपियों ने आपस में बांट लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 54 ग्राहकों के KYC डॉक्यूमेंट लेकर दिलाया लोन पुलिस को दी रिपोर्ट में आर्शीवाद माइक्रोफाइनेंस कंपनी के एरिया हेड राकेश कुमार ने बताया - उनकी कंपनी ग्रुप लोन देने का काम करती है। कंपनी में सरजीत सिंह फील्ड कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि सरजीत सिंह ने करीब 54 ग्राहकों के KYC डॉक्यूमेंट लेकर उन्हें लोन दिलाया। इसके बाद उसने गोपी, चिमन सिंह, भागा और चंदरपाल के साथ मिलकर ग्राहकों से संपर्क किया और लोन को लेकर उन्हें गलत जानकारी दी। ग्राहकों से लोन की रकम कलेक्ट कर आपस में बांट ली रिपोर्ट के अनुसार लोन की पेमेंट ग्राहकों को वितरित कर दी गई थी। इसके बाद सरजीत सिंह ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर ग्राहकों से लोन की रकम कलेक्ट करना शुरू कर दिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर करीब 19 लाख 74 हजार 650 रुपए ग्राहकों से वसूल किए और आपस में बांट लिए। धोखाधड़ी में शामिल बाहरी लोगों ने ग्राहकों को नए सिम कार्ड भी दिए। ऑडिट में सामने आई गड़बड़ी, पुलिस ने जांच शुरू की शिकायतकर्ता राकेश कुमार के अनुसार कंपनी की नियमित ऑडिट और सतर्कता समीक्षा के दौरान पदमपुर ब्रांच में यह गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद कंपनी की ओर से पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई रायसिंह कर रहे हैं।