पाली शहर के नवलखा रोड पर एक दावत में खाना खाने के बाद 50 बच्चों सहित कुल 296 लोगों को फूड पॉइजनिंग हो गई। सभी बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे, जहां जांच के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। इस बीच, घटना से हड़कंप मचने के बाद एक्शन में आई प्रशासनिक टीमों ने शनिवार को अवैध रूप से चल रही दो मीट की दुकानों को सीज किया और किराना स्टोर से सैंपल लिए। हालांकि, मिठाई की दुकानों की जांच नहीं करने पर शिकायत करने वालों ने विभागीय कार्यवाही पर सवाल उठाए हैं। सभी 296 मरीज स्वस्थ, अस्पताल से मिली छुट्टी बांगड़ अस्पताल के अधीक्षक डॉ. कैलाश परिहार ने बताया कि शुक्रवार रात फूड पॉइजनिंग के शिकार होकर 50 बच्चों समेत कुल 296 मरीज अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से 13 गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया था। अब सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है और प्राथमिक इलाज के बाद सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया है। बिना NOC चल रहीं दो मीट दुकानें सीज घटना की शिकायत मिलते ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा और नगर निगम के डीओसी प्रभारी बादल सिंह पुलिस बल के साथ हैदर कॉलोनी पहुंचे। पीड़ित रमजान की शिकायत पर 'हुसैन मीट एंड चिकन शॉप' की जांच की गई, जहां कोई NOC नहीं मिली। इसके बाद दुकान को तुरंत सीज कर दिया गया। वहीं, पास में ही बिना लाइसेंस संचालित पाई गई 'एटी मीट शॉप' को भी सीज करने की कार्रवाई की गई। इसके बाद टीम नवलखा रोड स्थित 'महावीर किराना स्टोर' पहुंची, जहां से दावत के लिए सामान खरीदा गया था। टीम ने वहां से हल्दी, घी, पिस्ता और सूजी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे। मिठाई दुकानों की जांच नहीं करने का आरोप कार्रवाई के दौरान पीड़ित रमजान ने अधिकारियों से उन मिठाई की दुकानों की भी जांच करने की मांग की, जहां से दावत के लिए मिठाइयां खरीदी गई थीं। हालांकि, टीम मिठाई की दुकानों पर सैंपल लेने नहीं पहुंची। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश कुमार शर्मा बोले कि मिठाई शॉप को लेकर शिकायतकर्ता अलग-अगल शॉप के नाम बता रहा है। शिकायतकर्ता लिखकर दे देंगे कि मैंने किस मिठाई शॉप से क्या खरीदा, तो विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। हालांकि मिठाइयां हलवाई के गोदाम में ही तैयार की गई थीं और टीम ने शुक्रवार रात को ही मटन, मलाई राजभोग और कलाकंद के सैंपल ले लिए थे।