पाली में मानसून की बेरूखी के चलते इस बार गर्मी के मौसम में जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। जवाई बांध सहित अधिकतर बांधों में 20 प्रतिशत से भी कम पानी बचा है। जिले की 97 प्रतिशत जलापूर्ति बांधों पर ही टिकी है। मार्च-अप्रेल में पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसको लेकर जलदाय विभाग ने अभी से प्लान बना लिया है, लेकिन शहर के सिटी टैंक लाखोटिया के किनारे स्थित कुंओं को लेकर अभी तक कोई प्लान नहीं बनाया। सिटी टैंक से रिचार्ज होने वाले इन कुंओं से रोजाना लाखों लीटर पानी टैंकरों के जरिए बेचा जा रहा है और कुएं मालिक मालामाल हो रहे हैं। जवाई बांध में बुधवार को पानी 22.20 फीट यानि 1357.8 MDFT बचा। एक टैंकर के 400-600 रुपए शहरवासियों की मानें तो पानी के एक टैंकर के अभी से 400-500 रुपए लिए जा रहे हैं। गर्मी के मौसम में तो इनकी रेट और बढ़ जाएंगी। शहर के बापूनगर विस्तार में रहने वाले रामचंद्र जांगिड़ का कहना है कि उनके मोहल्ले में तीन दिन में एक बार पानी आ रहा है। कई बार टैंकर मंगवाने पड़ते है। 500-600 रुपए एक ट्रेक्टर टैंकर के लेते है। प्रशासन को इन कुंओं को अपने अंडर में लेना चाहिए ओर पानी के टैंकर रेट निर्धारित करनी चाहिए, जिससे लोगों से मुंह मांगा दाम न वसूला जाएं। क्योंकि शहर के कई मोहल्ले ऐसे है जहां आज भी पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं होती। ऐसे में राजेंद्र नगर विस्तार, गुरुनगर, सुंदर नगर विस्तार सहित कई मोहल्ले है, जहां लोग टैंकरों से पेयजल आपूर्ति लेते है। गर्मी के मौसम में बढ़ेगी परेशानी शहर के भैरूघाट क्षेत्र में रहने वाले विक्रमसिंह भाटी कहते है कि अभी से पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं मिल रही। गर्मी में हाल और खराब होने वाले है। प्रशासन को चाहिए कि पेयजल संकट से निपटने के लिए अभी से पुख्ता प्लान बनाए, जिससे उसे समय रहते धरातल पर उतारा जा सके। दिसंबर से 4 दिन में एक बार आएंगा पानी पेयजल संकट से निपटने के लिए जलदाय विभाग 1 दिसंबर से शहर में 4 दिन में और गांवों में 5 दिन में एक बार पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था लागू करेगा। 17 सितंबर से 48 घंटे में एक बार शहर में और गांवों में 96 घंटे में एक बार पेयजल आपूर्ति की थी। पाली शहर में रोजाना 48 MLD पानी की जरूरत होती है। उसे कम कर 35 एमएलडी तक ला चुके है। आने वाले दिनों में शहर में 25 से 30 MLD पानी की आपूर्ति होगी। जिले में पेयजल आपूर्ति 93 प्रतिशत तक बांधों से और 7 प्रतिशत तक भूजल से होती है। पाली में इस बार औसत बरसात 221 MM हुई। जबकि औसत बरसात जिले में 472 MM होती है। अधिकारी बोले- जरूरत पड़ी तों टैंकरों से करेंगे पेयजल आपूर्ति मामले में जलदाय विभाग के SE मनीष माथुर ने बताया कि इस बार जिले में पर्याप्त बरसात नहीं हुई, इसलिए बांधों में पानी कम है। पेयजल संकट से निपटने के लिए प्लान बनाया है। 367 गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में 192 और शहरी क्षेत्र में 41 नलकूप खुदवाएंगे। कंटीजेंसी प्लान के तहत गांवों के लिए 85 करोड़ 52 लाख रुपए से अधिक के काम प्रस्तावित है। 192 बोरवेल खुदवाने पर 30 करोड़ 51 लाख खर्च करेंगे। 108 जलस्त्रों को विकसित करने पर 6.29 करोड़ खर्च किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में 94.32 किलोमीटर पाइन लाइन और 16.28 किलोमीटर डीआई पाइप लाइन काम करवाएं जाएंगे। साथ ही 281 पंप मशीनरी, 171 पैनल, 13410 मीटर केबल बदलेंगे, 3335 मीटर जीआई पाइप और 221 स्लूज वाल्व बदलेंगे।