दिगंबर जैन समाज के 10 दिवसीय पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन गुरुवार को कस्बे के जैन मंदिर में उत्तम मार्दव धर्म की आराधना हुई। सुबह से श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भगवान आदिनाथ के जयकारे लगे। धार्मिक मंत्रोच्चार हुआ। अभिषेक हुआ। शांतिधारा हुई। पूजा-अर्चना हुई। भगवान आदिनाथ का पंचामृत अभिषेक किया गया। धर्मलाभ बाबूलाल श्रीपाल पचौरी परिवार ने लिया। अभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से आराधना की। परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। दिन में पंडित मनीष शास्त्री के सान्निध्य में संगीतमय पूजा कराई गई। विधान कराया गया। भक्ति गीत गूंजे। धार्मिक मंत्र गूंजे। मंदिर परिसर भक्तिमय रहा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना में भाग लिया। धर्मलाभ लिया। उत्तम मार्दव का अर्थ मान-अभिमान का त्याग बताया गया। विनम्रता अपनाने का संदेश दिया गया। सरलता को जीवन में उतारने की सीख दी गई। धन, पद, रूप, ज्ञान, प्रतिष्ठा का अहंकार नहीं करने की बात कही गई। सभी जीवों के प्रति समान भाव रखने पर जोर दिया गया। भीतर के अभिमान को दूर करने का संदेश दिया गया। शाम को जैन मंदिर में आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। 10 दिवसीय पर्यूषण पर्व में आगे भी धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-विधान, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।