पंचायतीराज चुनाव में इस बार जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी, उन्हें कम से कम 5 दिन और 4 रातें गांवों में गुजारनी पड़ेंगी। चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियाें को तीन बार वोटिंग करवानी होगी। इस काम के लिए इस बार निर्वाचन आयोग 2.27 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाएगा। हालांकि इसमें सुरक्षा से जुड़े कार्मिक (पुलिस और सुरक्षा बल) शामिल नहीं हैं। दरअसल इस बार गांव की सरकार चुनने के लिए सबसे लंबी परीक्षा मतदानकर्मियों की होगी। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का ईवीएम मशीनों से वोटिंग करवाने के बाद इन पार्टियों को ही सरपंच, वार्ड पंच और उपसरपंच के चुनाव बैलेट पेपर से करवाने हैं। ऐसे लगेगा पांच दिन का समय पहले चरण में पोलिंग पार्टियां 22 अक्टूबर को ट्रेनिंग के बाद मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम से वोटिंग कराई जाएगी। वोटिंग करवाने के बाद पोलिंग पार्टियां वापस नहीं आएंगी। अगले दिन 24 अक्टूबर को सरपंच और वार्ड पंच के नामांकन, जांच, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन प्रक्रिया भी इन्हीं पार्टियों के जिम्मे होगा। ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद 25 अक्टूबर को बैलेट पेपर से सरपंच-वार्ड पंच के लिए वोटिंग होगी। पंच-सरपंच के लिए शाम 6 बजे वोटिंग पूरी होने के बाद मतगणना शुरू होगी और देर रात तक रिजल्ट घोषित किया जाएगा। उपसरपंच के लिए अगले दिन भी रुकना होगा वार्ड पंच और सरपंच का रिजल्ट घोषित करने के बाद 26 अक्टूबर को उपसरपंच के चुनाव की प्रक्रिया भी इन्हीं पोलिंग पार्टी के जरिए पूरी करवाई जाएगी। उपसरपंच का चुनाव पूरा होने के बाद टीम ड्यूटी से मुक्त हो सकेगी। इसी पैटर्न पर अगले तीन चरणों में भी चुनाव होंगे। 2.27 लाख से ज्यादा कर्मचारी होंगे इस बार चुनाव के लिए पूरे प्रदेश में 2.27 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। हर टीम में एक पीआरओ, पीओ-1, पीओ-2, पीओ-3, पीओ-4 सहित मतदान कार्मिक रहेंगे। साथ में संबंधित आरओ भी रहेगा। कर्मचारियों को कई दिन रुकने के हिसाब से अपना निजी सामान भी लेकर जाना होगा। चुनाव करवाने के लिए चुनाव आयोग ने पूरे प्रदेश में 45 हजार 384 पोलिंग स्टेशन बनवाए हैं। यह खबर भी पढ़ें... 3605 पंचायतों में चुनाव की तारीख बदलने की तैयारी:6 नवंबर को धनतेरस; राज्य निर्वाचन आयुक्त बोले- कैलेंडर बनाते समय इसका ध्यान नहीं रखा राजस्थान में 3605 पंचायतों में 6 नवंबर (धनतेरस) को होने वाली वोटिंग की तारीख बदलने की तैयारी की जा रही है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने धनतेरस को वोटिंग टालने के संकेत दिए हैं। हालांकि अभी फाइनल फैसला होना बाकी है। धनतेरस का पर्व बड़ा होने के कारण इस दिन वोटिंग टालने के लिए कई नेता और संगठन मांग कर रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)