जयपुर में नगर निगम चुनाव का मतदान होते ही यह शब्द फिर चर्चा में है। इसके दो बड़े कारण हैं। पहला- भाजपा और कांग्रेस के बीच करीब 68 वार्डों में सीधी फाइट है और दूसरा विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, सिविल लाइंस व हवामहल विधानसभाओं में बागियों ने ताकत दिखाई है। इससे मतदान भी बढ़ा है। भाजपा ने 150 पार्षद वाले निगम में बोर्ड बनाने के जादुई आंकड़े 76 तक पहुंचने में कोई परेशानी न आए, इसलिए शुक्रवार दोपहर ही सभी 149 प्रत्याशियों को अजमेर रोड बगरू स्थित भंवर पैलेस भेज दिया। सभी प्रत्याशियों को 7 दिन के कपड़े व दवा लेकर बुलाया गया है, ताकि मेयर चुनाव तक भावी पार्षदों को रिसोर्ट में ही रोका जा सके। इधर, कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा के घर बैठक की। जीत के जादुई आंकड़े पर चर्चा के बाद बस्सी में बाड़ाबंदी तय कर प्रत्याशियों से संपर्क भी शुरू कर दिया गया। विद्याधर नगर : प्रत्याशियों को शुक्रवार रात होटल भेज दिया था भाजपा में बाड़ाबंदी की शुरुआत वैसे तो शुक्रवार रात को ही शुरू हो गई थी। मतदान के तुरंत बाद यानी सबसे पहले विद्याधर नगर के पार्षद प्रत्याशियों को कानोता रिसोर्ट में भेजा गया। 22 पार्षद प्रत्याशी व संगठन पदाधिकारी कानोता पहुंचे और रात का भोजन किया। इसके बाद प्रत्याशियों को वहीं रोक लिया गया। शनिवार को भोजन के बाद भंवर पैलेस भेजा गया। पहले प्रदेश कार्यालय बुलाया, बाद में जिला कार्यालय से बसों में रवाना; भाजपा ने अपने प्रत्याशियों को बुलाने के लिए सुबह 7 बजे ही फोन करना शुरू कर दिया था। इसकी जिम्मेदारी शहर के पदाधिकारियों व विधायकों को दी गई। सभी को पहले प्रदेश कार्यालय बुलाया गया, लेकिन सूचना लीक हुई तो भाजपा जिला कार्यालय पर बुलाया। यहां शहर अध्यक्ष अमित गोयल, महामंत्री नवरत्न नराणियां व उपाध्यक्ष रेखा राठौड़ ने सूची के आधार पर अलग-अलग विधानसभा के प्रत्याशियों को 4 बसों से रिसोर्ट के लिए रवाना किया। हारने वाले कल तक, बाकी मेयर चुनाव तक रिसॉर्ट में रहेंगे परिणाम के बाद जीते हुए प्रत्याशी रिसॉर्ट में रहेंगे, बाकी को घर भेज दिया जाएगा। जो जीतेंगे वे मेयर के चुनाव तक रिसॉर्ट में रहेंगे, मेयर की घोषणा होने के बाद इन्हें बसों से सीधे लालकोठी निगम मुख्यालय लाया जाएगा, जहां मेयर सीट पर बैठने के बाद ही उन्हें घर जाने की इजाजत होगी। निगम चुनाव को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी बागियों को साधने और मेयर बनाने के गणित पर मंथन हुआ। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक और वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल रहे। इसमें करीबी मुकाबला देखते हुए पार्टी प्रत्याशियों के साथ अपने बागी प्रत्याशियों से भी संपर्क कर रही है। साथ ही भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले बागियों से भी बातचीत शुरू की है। रणनीति यह है कि यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीयों और बागियों के सहारे 76 के बोर्ड बनाने वाले आंकड़े तक पहुंचा जाए। कांग्रेस ने मेयर के संभावित चेहरों को लेकर भी बैठक में चर्चा की। इसके लिए आदर्श नगर, विद्याधर नगर, मालवीय नगर और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों से जीतने वाले प्रत्याशियों के समीकरण पर नजर रखी जा रही है। पार्टी स्तर पर मेयर के लिए संभावित नाम भी तय कर लिए गए हैं। हालांकि अंतिम फैसला नतीजे और बोर्ड के संख्याबल को देखकर किया जाएगा। कांग्रेस के 8 बागी प्रत्याशी अजमेर रवाना कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़े 8 प्रत्याशी अजमेर ख्वाजा के सजदा करने निकल पड़े। इनमें पूर्व डिप्टी मेयर असलम फारुखी व प्रत्याशी अख्तर हुसैन शामिल हैं। ये दोनों ही 8 प्रत्याशियों का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रत्याशियों ने अजमेर रोड स्थित हाईवे किंग होटल में खाना खाया और बैठक करके आगे की रणनीति बनाई। ये कांग्रेस नेताओं का न फोन उठा रहे हैं और ना ही जिलाध्यक्ष से बात करने को राजी हैं। इनमें हवामहल, आदर्श नगर, किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी मौजूद हैं। अख्तर ने बताया कि पिछली बार कांग्रेस पार्टी का बोर्ड बनाया था। उसमें उन्हें सिर्फ धोखा ही मिला, इसलिए वे कांग्रेस नेताओं का फोन नहीं उठा रहे।